BREAKING इमरजेंसी अलर्ट का सफल परीक्षण: NDMA की नई तकनीक से देशभर में ट्रायल BREAKING अग्नि-6 से भारत को मिलेगी मजबूती, रक्षा क्षमता में बड़ा बदलाव BREAKING लापरवाही या हादसा? जबलपुर नाव हादसे ने खड़े किए कई सवाल BREAKING राहत या महंगाई ? LPG, पेट्रोल-डीजल की कीमतों के बीच आम आदमी क्या करे BREAKING बुद्ध पूर्णिमा: करुणा, शांति और आत्मबोध का पर्व BREAKING Jabalpur Cruise Incident: सीएम मोहन यादव ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान, मृतकों के परिवार को मिलेंगे ₹4-4 लाख BREAKING शादी के जोड़े में दुल्हन ने स्टेज से लगाई छलांग... प्रेमी को पहना दी वरमाला, दूल्हा देखता रह गया BREAKING aj Ka Entertainment BREAKING 'लव यू सो मच... मेरे बच्चों का ख्याल रखना', इमोशनल कर देगी मोनिका की कहानी 30 अप्रैल 2026 BREAKING प्रेम जाल, नशा और ब्लैकमेल... युवक की हैवानियत का खौफनाक चेहरा बेनकाब 30 अप्रैल 2026
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02 May, 2026 0

इमरजेंसी अलर्ट का सफल परीक्षण: NDMA की नई तकनीक से देशभर में ट्रायल

नई दिल्ली, 2 मई 2026: आज सुबह 11:41 बजे देशभर के लाखों मोबाइल यूज़र्स को एक साथ “Emergency Alert” मैसेज प्राप्त हुआ। यह कोई वास्तविक खतरे की चेतावनी नहीं थी, बल्कि National Disaster Management Authority (NDMA) द्वारा संचालित एक सिस्टम टेस्ट था, जिसका उद्देश्य आपदा के समय तुरंत सूचना पहुंचाने वाली तकनीक को परखना था।क्या था यह इमरजेंसी अलर्ट ?यह अलर्ट Cell Broadcast Technology के माध्यम से भेजा गया, जिसमें बिना इंटरनेट या कॉल के सीधे मोबाइल स्क्रीन पर संदेश फ्लैश होता है। इस टेस्ट के दौरान हिंदी, अंग्रेज़ी और क्षेत्रीय भाषाओं में अलर्ट मैसेज भेजा गया ताकि अधिकतम लोगों तक सूचना स्पष्ट रूप से पहुंच सके।क्यों किया गया यह परीक्षण ?NDMA द्वारा यह परीक्षण देश में आपदा प्रबंधन प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य था:बाढ़, भूकंप, आग जैसी आपात स्थितियों में तुरंत चेतावनी देनालोगों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचने में मदद करनासरकारी एजेंसियों और जनता के बीच त्वरित संचार सुनिश्चित करना क्या आपको घबराने की जरूरत है ?नहीं। यह केवल एक मॉक ड्रिल (टेस्टिंग प्रक्रिया) थी। इस अलर्ट का मकसद सिस्टम की कार्यक्षमता को जांचना था, न कि किसी वास्तविक खतरे की जानकारी देना।कैसे काम करती है यह तकनीक ?यह तकनीक मोबाइल नेटवर्क के जरिए एक साथ हजारों-लाखों डिवाइस पर संदेश भेज सकती हैइसमें इंटरनेट की आवश्यकता नहीं होतीयह संदेश तुरंत स्क्रीन पर पॉप-अप के रूप में दिखाई देता हैयूज़र इसे अनदेखा नहीं कर सकता, जिससे जागरूकता बढ़ती हैभविष्य में क्या होगा ?NDMA आने वाले समय में इस तकनीक को और व्यापक स्तर पर लागू करने की योजना बना रहा है, ताकि किसी भी प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा के समय लोगों को रीयल-टाइम अलर्ट मिल सके और जान-माल की हानि को कम किया जा सके।निष्कर्ष2 मई का यह परीक्षण भारत की आपदा प्रबंधन क्षमता को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस तकनीक के जरिए अब खतरे की स्थिति में लोगों तक चेतावनी पहले से कहीं अधिक तेज़ी और प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकेगी। 

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02 May, 2026 0

अग्नि-6 से भारत को मिलेगी मजबूती, रक्षा क्षमता में बड़ा बदलाव

DRDO अग्नि-6 बैलिस्टिक मिसाइल के विकास के लिए पूरी तरह तैयार है और केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी के लिए इंतजार कर रहा है।माना जा रहा है कि यह अग्नि-6, अग्नि-5 मिसाइल से कहीं ज्यादा उन्नत और शक्तिशाली होगी।अग्नि-6 की मारक क्षमता 8,000 से 12000 किलोमीटर की रहेगी, इस लंबी रेंज की वजह से यह भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देगा।यह मिसाइल MIRV तकनीक से युक्त है, जिससे यह एक ही समय पर अलग-अलग लक्ष्यों पर हमला कर दुश्मन की मिसाइल डिफेंस क्षमता को नष्ट करना आसान हो जाएगा।नई तकनीक के चलते इसकी सटीकता और मार्ग बदलने की क्षमता पहले से ज्यादा होगी।पाकिस्तान  इस खबर से चौंक गया है, पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य सलाहकार जहीर काजगी ने कहा है कि भारत के पास पहले से मौजूदा हथियार हीपाकिस्तान और चीन पर हमले करने के लिए पर्याप्त हैं, ऐसे में अग्नि-6 मिसाइल बनाने की क्या जरूरत। उन्होंने पश्चिमी देशों को भड़काते हुए कहा कि यह मिसाइल यूरोप, अमेरिका और कनाडा तक पहुंचने में सक्षम है।हाल ही में अग्नि-5 के MIRV संस्करण का सफल परीक्षण हो चुका है। अग्नि-6 इसी तकनीक को और आगे बढ़ाते हुए भारत की रणनीतिक ताकत को नई ऊंचाई देगा।

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01 May, 2026 0

लापरवाही या हादसा? जबलपुर नाव हादसे ने खड़े किए कई सवाल

1 मई 2026, मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। नर्मदा नदी में एक क्रूज नाव के पलटने से अब तक लगभग 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। कई लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।क्या हुआ था उस दिन ?जानकारी के अनुसार, नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। इसी दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज तूफान आ गया। नाव चालक नियंत्रण खो बैठा और नाव पलट गई।यह हादसा उस समय और भी भयावह हो गया जब नदी के बीचों-बीच मौजूद लोगों को बचने का कोई साधन नहीं मिला।बड़ा सवाल: लापरवाही या हादसा ?प्रशासन की चेतावनी के बावजूद नाव को पानी में उतारा गयायात्रियों को पर्याप्त लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई गईंक्षमता से अधिक लोगों को सवार किया गयाइन परिस्थितियों में यह सवाल उठना लाज़मी है— क्या यह केवल एक हादसा था या साफ़ तौर पर लापरवाही ?मां की ममता ने किया भावुकइस दर्दनाक हादसे में एक ऐसी कहानी भी सामने आई जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं।एक मां ने अपने बच्चे को बचाने के लिए उसे अपने ऊपर रख लिया, इस उम्मीद में कि शायद वह बच जाए।लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था… ना मां बच सकी, ना ही उसका बच्चा।यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के दिल को झकझोर गया और ममता की यह मिसाल हमेशा याद रखी जाएगी।राहत और बचाव अभियान जारीएनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हैंलापता लोगों की तलाश जारीघायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गयानिष्कर्षजबलपुर का यह नाव हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही और नियमों की अनदेखी का परिणाम भी हो सकता है। अगर समय पर चेतावनी मानी जाती अगर लाइफ जैकेट उपलब्ध होती अगर सुरक्षा नियमों का पालन होतातो शायद आज कई जिंदगियां बच सकती थीं।आपकी राय?क्या आप इसे लापरवाही मानते हैं या दुर्भाग्यपूर्ण हादसा?अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताएं  

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30 Apr, 2026 2

2026 में मुख्य अतिथि कौन होंगे?

2026 में मुख्य अतिथि कौन होंगे? गणतंत्र दिवस समारोह 2026 में वैश्विक स्तर पर दो गणमान्य व्यक्ति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस वर्ष के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।गणतंत्र दिवस पर कैसा रहेगा मौसमअगर बात करें गणतंत्र दिवस के मौसम की तो 26 जनवरी, 2026 के पूर्वानुमान के अनुसार, नई दिल्ली में ठंडी, सर्दियाँ रहेंगी और सुबह का तापमान 10-12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आज यानी 26 जनवरी, 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह न केवल भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन होगा, बल्कि राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक उत्सव भी बनेगा।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कर्तव्य पथ से गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगी। कार्यक्रम की शुरुआत पीएम मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ होगी। गणतंत्र दिवस परेड करीब 90 मिनट तक चलेगी। गणतंत्र दिवस परेड 2026 कार्यक्रमगणतंत्र दिवस परेड आज यानी 26 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ से शुरू हुई है। यह परेड सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर शुरू हो गई है। गणतंत्र दिवस परेड का प्रसारण आज यानी सोमवार, 26 जनवरी, 2026 को दूरदर्शन पर हो रहा है। इसका लाइव प्रसारण सुबह 8 बजे से ही दूरदर्शन के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी देखा जा सकता है। इसके अलावा, परेड का सीधा प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो के यूट्यूब चैनल और सरकारी वेबसाइटों पर भी किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भारत के प्रमुख समाचार चैनल और डिजिटल पोर्टल भी कई भाषाओं में कमेंट्री के साथ इसका सीधा प्रसारण चल रहा है।  यह भी पढ़ें- गणतंत्र दिवस को लेकर भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट, संवेदनशील नाकों पर पुलिस और SSB की तैनातीयह भी पढ़ें- गणतंत्र दिवस पर दिल्ली अभेद किले में तब्दील: चप्पे-चप्पे पर एंटी-ड्रोन, एंटी-एयरक्राफ्ट गन और स्नाइपर्स तैनात

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30 Apr, 2026 4

2026 में मुख्य अतिथि कौन होंगे?

2026 में मुख्य अतिथि कौन होंगे? गणतंत्र दिवस समारोह 2026 में वैश्विक स्तर पर दो गणमान्य व्यक्ति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस वर्ष के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।गणतंत्र दिवस पर कैसा रहेगा मौसमअगर बात करें गणतंत्र दिवस के मौसम की तो 26 जनवरी, 2026 के पूर्वानुमान के अनुसार, नई दिल्ली में ठंडी, सर्दियाँ रहेंगी और सुबह का तापमान 10-12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आज यानी 26 जनवरी, 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह न केवल भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन होगा, बल्कि राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक उत्सव भी बनेगा।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कर्तव्य पथ से गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगी। कार्यक्रम की शुरुआत पीएम मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ होगी। गणतंत्र दिवस परेड करीब 90 मिनट तक चलेगी। गणतंत्र दिवस परेड 2026 कार्यक्रमगणतंत्र दिवस परेड आज यानी 26 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ से शुरू हुई है। यह परेड सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर शुरू हो गई है। गणतंत्र दिवस परेड का प्रसारण आज यानी सोमवार, 26 जनवरी, 2026 को दूरदर्शन पर हो रहा है। इसका लाइव प्रसारण सुबह 8 बजे से ही दूरदर्शन के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी देखा जा सकता है। इसके अलावा, परेड का सीधा प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो के यूट्यूब चैनल और सरकारी वेबसाइटों पर भी किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भारत के प्रमुख समाचार चैनल और डिजिटल पोर्टल भी कई भाषाओं में कमेंट्री के साथ इसका सीधा प्रसारण चल रहा है।  यह भी पढ़ें- गणतंत्र दिवस को लेकर भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट, संवेदनशील नाकों पर पुलिस और SSB की तैनातीयह भी पढ़ें- गणतंत्र दिवस पर दिल्ली अभेद किले में तब्दील: चप्पे-चप्पे पर एंटी-ड्रोन, एंटी-एयरक्राफ्ट गन और स्नाइपर्स तैनात

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30 Apr, 2026 2

2026 में मुख्य अतिथि कौन होंगे?

2026 में मुख्य अतिथि कौन होंगे? गणतंत्र दिवस समारोह 2026 में वैश्विक स्तर पर दो गणमान्य व्यक्ति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस वर्ष के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।गणतंत्र दिवस पर कैसा रहेगा मौसमअगर बात करें गणतंत्र दिवस के मौसम की तो 26 जनवरी, 2026 के पूर्वानुमान के अनुसार, नई दिल्ली में ठंडी, सर्दियाँ रहेंगी और सुबह का तापमान 10-12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आज यानी 26 जनवरी, 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह न केवल भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन होगा, बल्कि राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक उत्सव भी बनेगा।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कर्तव्य पथ से गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगी। कार्यक्रम की शुरुआत पीएम मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ होगी। गणतंत्र दिवस परेड करीब 90 मिनट तक चलेगी। गणतंत्र दिवस परेड 2026 कार्यक्रमगणतंत्र दिवस परेड आज यानी 26 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ से शुरू हुई है। यह परेड सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर शुरू हो गई है। गणतंत्र दिवस परेड का प्रसारण आज यानी सोमवार, 26 जनवरी, 2026 को दूरदर्शन पर हो रहा है। इसका लाइव प्रसारण सुबह 8 बजे से ही दूरदर्शन के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी देखा जा सकता है। इसके अलावा, परेड का सीधा प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो के यूट्यूब चैनल और सरकारी वेबसाइटों पर भी किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भारत के प्रमुख समाचार चैनल और डिजिटल पोर्टल भी कई भाषाओं में कमेंट्री के साथ इसका सीधा प्रसारण चल रहा है।  यह भी पढ़ें- गणतंत्र दिवस को लेकर भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट, संवेदनशील नाकों पर पुलिस और SSB की तैनातीयह भी पढ़ें- गणतंत्र दिवस पर दिल्ली अभेद किले में तब्दील: चप्पे-चप्पे पर एंटी-ड्रोन, एंटी-एयरक्राफ्ट गन और स्नाइपर्स तैनात

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30 Apr, 2026 5

'वाशिंगटन के पास छुपा है सबसे खतरनाक हथियार', ईरान ने ट्रंप को धमकाया

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक लिव-इन कपल को सुरक्षा देते हुए कहा कि कानून और सामाजिक नैतिकता अलग-अलग हैं। जानें कपल की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्या कहा?Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि यदि कोई शादीशुदा पुरुष किसी बालिग महिला के साथ उसकी सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रहता है, तो इसे कानून की नजर में अपराध नहीं माना जा सकता। जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने जोर देकर कहा है कि अदालतों का प्राथमिक कर्तव्य नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है, और इस कर्तव्य के बीच सोशल मोरैलिटी की दीवार खड़ी नहीं की जा सकती।

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30 Apr, 2026 2

UP News: शादीशुदा पुरुष का लिव-इन रिलेशनशिप में रहना अपराध है? कपल की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्या कहा

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक लिव-इन कपल को सुरक्षा देते हुए कहा कि कानून और सामाजिक नैतिकता अलग-अलग हैं। जानें कपल की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्या कहा?Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि यदि कोई शादीशुदा पुरुष किसी बालिग महिला के साथ उसकी सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रहता है, तो इसे कानून की नजर में अपराध नहीं माना जा सकता। जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने जोर देकर कहा है कि अदालतों का प्राथमिक कर्तव्य नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है, और इस कर्तव्य के बीच सोशल मोरैलिटी की दीवार खड़ी नहीं की जा सकती।