Shashi Tharoor: केरल मॉडल की चर्चा क्यों है? कांग्रेस सांसद ने क्रिसमस पर अराजकता के मुद्दे पर सरकार पर कड़ा हमला किया।

शशि थरूर: क्रिसमस डे धूमधाम और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर, देश के विभिन्न हिस्सों में लोग आनंदित नजर आए, पहाड़ों से मैदानी इलाकों तक। कुछ ने बर्फबारी का मजा लिया, तो कोई अपने परिवार के साथ महंगे रेस्त्रां और नाइट क्लब में जश्न मनाता दिखा। हालांकि, इसी बीच कुछ स्थानों से अराजक तत्वों द्वारा माहौल खराब करने की खबरें भी आईं, जिनपर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चिंता जताई है। उन्होंने पलक्कड़ के पुडुस्सेरी में क्रिसमस कैरल समूह पर हमला, रायपुर के एक मॉल में सांता क्लॉज की मूर्ति को तोड़ने और जबलपुर में एक नेत्रहीन ईसाई लड़की के साथ दुर्व्यवहार का उल्लेख किया। इसके साथ ही, उन्होंने ‘केरल मॉडल’ का हवाला देते हुए सरकार की आलोचना की।

क्रिसमस पर अराजक तत्वों के हुड़दंग को लेकर कांग्रेस सांसद मुखर!

देश के विभिन्न प्रदेशों में क्रिसमस की रौनक देखने को मिली। सड़कें भीड़-भाड़ से भरी रहीं और बाजार रंग-बिरंगी रोशनी से सजे दिखे। लेकिन, कुछ स्थानों पर अराजक तत्वों की उत्पात की घटनाएँ भी सामने आईं। इस संदर्भ में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपनी आवाज उठाई है।

शशि थरूर ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट शेयर कर पलक्कड़ के पुडुस्सेरी में क्रिसमस कैरल समूह पर हमले, रायपुर के मॉल में सांता क्लॉज की मूर्ति को तोड़ने, जबलपुर में एक नेत्रहीन ईसाई लड़की पर हमले और उत्तर प्रदेश के एक चर्च में प्रार्थना के दौरान बाधा डालने को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे उत्सव के माहौल में निराशाजनक बताया। थरूर ने आर्चबिशप नेत्यो के बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने ईसाई समुदाय के बीच डर और चिंताओं का जिक्र किया। बिशप ने ध्यान दिलाया कि मणिपुर और उत्तर भारत की हिंसा अब केरल के दरवाजे पर दस्तक दे रही है। इस बात को लेकर शशि थरूर ने सरकार से चुप्पी तोड़कर कार्रवाई करने का आग्रह किया।

क्यों चर्चित है केरल मॉडल?

सरकार पर नकारात्मक टिप्पणियाँ करते हुए शशि थरूर ने केरल मॉडल का उदाहरण दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी व्यक्ति के अपने धर्म का पालन करने के संवैधानिक अधिकार को इतनी स्पष्टता से क्यों चुनौती दी जा रही है? थरूर का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा कोई मेहरबानी नहीं, बल्कि सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए समाज को एकजुट होना चाहिए।

सांसद शशि थरूर ने केरल मॉडल के बारे में कहा कि यह इसलिए सफल है क्योंकि विभिन्न धर्मों के लोग—हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई—ऐतिहासिक रूप से एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। इसीलिए इसकी चर्चा भी होती है। थरूर ने कहा कि शांति तब तक कायम नहीं रह सकती जब बहुसंख्यक अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के प्रति मूक दर्शक बने रहें। थरूर की इस प्रतिक्रिया को लेकर अब काफी चर्चाएँ हो रही हैं।

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