Shashi Tharoor: राजधानी में वीर सावरकर पुरस्कार को लेकर हलचल जारी है। एक पोस्टर में कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम इस पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है, जिससे राजनीतिक तापमान बढ़ता नजर आ रहा है। शशि थरूर ने अपनी पार्टी से तनाव के बीच ‘वीर सावरकर पुरस्कार’ पर एक स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने कहा कि आयोजकों द्वारा उनकी सहमति के बिना उनके नाम का उल्लेख करना असमंजसापूर्ण है। थरूर ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे। इस प्रकार, यह साफ है कि शशि थरूर को वीर सावरकर पुरस्कार नहीं मिल रहा है।
वीर सावरकर अवार्ड को लेकर चर्चाओं के बीच Shashi Tharoor का स्पष्टीकरण
कांग्रेस सांसद ने उन सभी अफवाहों पर विराम लगाया है, जिसमें उन्हें वीर सावकर पुरस्कार देने की बात कही जा रही थी।
थरूर ने एक्स पर लिखा, “मुझे मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि मुझे ‘वीर सावरकर पुरस्कार’ के लिए नामित किया गया है, जिसे आज दिल्ली में प्रदान किया जाना है। मुझे इस घोषणा के बारे में कल ही केरल में जानकारी हुई, जहां मैं स्थानीय स्वशासन चुनावों में मतदान करने गया था। तिरुवनंतपुरम में, मैंने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया था कि मुझे ऐसे किसी पुरस्कार की जानकारी नहीं थी और न ही मैंने इसे स्वीकार किया है। आयोजकों द्वारा बिना मेरी सहमति के मेरे नाम की घोषणा करना गैर-जिम्मेदाराना है।”
उन्होंने आगे लिखा कि “इसके बावजूद, आज दिल्ली में कुछ मीडिया आउटलेट मुझसे वही सवाल पूछ रहे हैं। इसलिए, मैं इस मामले को स्पष्ट करने के लिए यह बयान जारी कर रहा हूँ। पुरस्कार के स्वरूप, इसे प्रदान करने वाले संगठन या किसी अन्य प्रासंगिक विवरण के अभाव में, आज समारोह में मेरी उपस्थिति या पुरस्कार स्वीकार करने का प्रश्न ही नहीं उठता।”
कांग्रेस से तनाव के बीच ‘वीर सावरकर अवार्ड’ के लिए चयनित हुए शशि थरूर
कांग्रेस सांसद के आधिकारिक एक्स हैंडल से एक पोस्टर जारी किया गया है, जिसमें शशि थरूर को वीर सावरकर पुरस्कार के लिए चयनित दिखाया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सांसद थरूर का आज शाम 3 बजे से रात 8 बजे तक नई दिल्ली में एनडीएमसी कंवेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कार ग्रहण करने वाला था।
हालांकि, उन्होंने स्पष्टता से कहा है कि वे ऐसे किसी भी कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे और पुरस्कार नहीं लेंगे। बता दें कि वीर सावरकर को बीजेपी अपना आदर्श मानती है, जबकि कांग्रेस इसका विरोध करती है। यही कारण है कि शशि थरूर का नाम वीर सावरकर पुरस्कार के लिए सामने आने के बाद व्यापक चर्चाएं शुरू हुई थीं। अब, सांसद थरूर ने स्पष्टता से अपनी स्थिति पेश कर दी है।



