Priyanka Gandhi: संसद के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही एक बार फिर सुर्खियों में रही है। आज कांग्रेस सांसदों ने प्रियंका गांधी के नेतृत्व में मनरेगा कानून के नए प्रस्तावित बिल का विरोध किया। प्रियंका गांधी का कहना है कि नया वीबी-जी रामजी बिल संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। इसके अलावा, वायनाड के सांसद ने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए भावुक अंदाज में केन्द्र पर हमला किया। प्रियंका गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी जी मेरे परिवार के नहीं थे, लेकिन वे मेरे परिवार जैसे हैं। वे पूरे देश के लिए एक परिवार जैसे हैं। उन्होंने बीजेपी पर महात्मा गांधी का नाम मिटाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
लोकसभा में मनरेगा कानून को लेकर Priyanka Gandhi की भावुक प्रतिक्रिया
मनरेगा कानून के नाम बदलने का मामला अब तूल पकड़ता दिख रहा है। आज लोकसभा में भी इसका असर देखा गया जब प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने मनरेगा कानून के नाम बदलने के सरकारी फैसले का विरोध किया। प्रियंका गांधी भी इसका उल्लेख करते हुए भावुक हो गईं और महात्मा गांधी का नाम लेते हुए सरकार को निशाने पर लिया।
प्रियंका गांधी ने कहा कि “महात्मा गांधी जी मेरे परिवार के नहीं थे लेकिन मेरे परिवार जैसे ही हैं। वे पूरे देश के लिए एक परिवार जैसे हैं। प्रस्तावित बिल में रोजगार की कानूनी गारंटी कमजोर की जा रही है। मनरेगा पर फंड मांग पर आधारित होती है जबकि नए कानून में यह पूर्व निर्धारित होगा। यह बिल संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। मनरेगा में 90 फीसदी अनुदान केंद्र देता था, जिसे घटाकर 60 फीसदी कर दिया गया है। काम के दिन बढ़ रहे हैं, लेकिन मेहनताना नहीं बढ़ रहा है। योजना का नाम बदलने की यह प्रवृत्ति समझ से परे है और इससे खर्च भी बढ़ता है। बिल को वापस लिया जाना चाहिए और स्थाई समिति में भेजा जाना चाहिए।”
नए रोजगार कानून को लेकर छिड़ा सियासी संग्राम!
जैसा कि ज्ञात है, केन्द्र सरकार नया रोजगार कानून लेकर आ रही है। इसे विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण यानी वीबी-जी रामजी कानून के नाम से जाना जाएगा। यह नया कानून चर्चित एमजी नरेगा कानून की जगह लेगा, जिसके खिलाफ सियासी संग्राम जारी है। कांग्रेस का कहना है कि एनडीए सरकार महात्मा गांधी का नाम मिटाना चाहती है। दूसरी ओर, बीजेपी का तर्क है कि कांग्रेस को रामजी नाम से समस्या है, इसलिए वे नए प्रस्तावित बिल का विरोध कर रही हैं। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है और नए बिल को लेकर कई बातें की जा रही हैं।



