ओडिशा लिंचिंग: बिहार के बाद अब ओडिशा से लिंचिंग की एक चौंकाने वाली खबर आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिम बंगाल के रहने वाले 30 वर्षीय जुएल शेख को लोगों ने पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया। इससे पहले नवादा में अतहर हुसैन नामक शख्स के साथ मारपीट की खबर आई थी, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। हालांकि, ओडिशा के संभलपुर जिले से आए इस मामले की प्रकृति भिन्न है।
ममता बनर्जी की टीएमसी का आरोप है कि कुछ लोगों ने जुएल शेख को अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिया समझकर बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। बंगाली मजदूर की मौत के बाद टीएमसी मुखर हो गई है, और ओडिशा की बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। सवाल यह है कि मृतक को अवैध बांग्लादेशी होने के शक में पीटा गया या अन्य कोई मामला है? आइए इस प्रश्न का उत्तर ढूंढते हैं।
बंगाली मजदूर जुएल शेख की हत्या के बाद छिड़ा सग्राम
ओडिशा के संभलपुर जिले के शांति नगर इलाके में मकान निर्माण में कार्यरत प्रवासी मजदूर जुएल शेख की हत्या से विवाद उत्पन्न हो गया है। बंगाल की सत्तारुढ़ दल टीएमसी इसे लिंचिंग बता रही है। ममता बनर्जी की टीएमसी का आरोप है कि यह घटना बीजेपी की बंगालियों के खिलाफ नफरत भरी मुहिम का परिणाम है।
टीएमसी ने इस हत्या को लेकर कहा है कि मजदूर को अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिया समझकर मारा गया। बंगाल की सत्तारुढ़ पार्टी ने इसे बंगालियों के लिए एक खतरा बताया है और समाज में घुले जहर पर चिंता व्यक्त की है। इस मुद्दे पर सग्राम छिड़ा है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
अवैध बांग्लादेशी होने का शक या माजरा कुछ और?
जुएल शेख की मौत को लेकर कई तर्क दिए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस का नजरिया कुछ और है। स्थानीय आइंथापल्ली पुलिस स्टेशन का कहना है कि लिंचिंग के आरोप निराधार हैं और मामला बीड़ी मांगने पर शुरू हुई बहस से जुड़ा है। पुलिस ने बताया कि बुधवार की रात जब मजदूर काम से लौट रहे थे, तो 6 लोगों के ग्रुप ने उन्हें रोका और बीड़ी मांगी। इसी को लेकर बहस शुरू हुई और आगे हाथापाई हो गई।
इसके बाद 6 लोगों ने मिलकर जुएल शेख को बुरी तरह से पीटा। घायल अवस्था में मजदूर को संभलपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। ऐसे में बांग्लादेशी होने के शक में पिटाई के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।



