खबर Supar Fast
होम राशिफल
शॉर्ट वीडियो
ई-पेपर सर्च

UP Cashless Medical Scheme: शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात, सीएम योगी ने वाराणसी से शुरू की कैशलेस चिकित्सा योजना, 12 लाख से अधिक शिक्षक होंगे लाभान्वित

प्रकाशित: 09-07-2026 11:22 AM
UP Cashless Medical Scheme: शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात, सीएम योगी ने वाराणसी से शुरू की कैशलेस चिकित्सा योजना, 12 लाख से अधिक शिक्षक होंगे लाभान्वित
शेयर करें:

वाराणसी: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लाखों शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को बड़ी राहत देते हुए कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी स्थित पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल से इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया। योजना के तहत अब सरकारी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और मध्याह्न भोजन योजना (मिड-डे मील) से जुड़े रसोइये सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में बिना नकद भुगतान के इलाज करा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का भी अनावरण किया। इसके अलावा उन्होंने परिषदीय विद्यालयों के छात्रों के लिए यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, बैग और स्टेशनरी खरीदने हेतु 1320 करोड़ रुपये की डीबीटी (Direct Benefit Transfer) राशि भी जारी की।

शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता

यूपी के सभी शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज, योजना में शिक्षामित्र और रसोइया  भी शामिल - The Lallantop

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय प्रदेश की पहचान "बीमारू राज्य" के रूप में होती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि "शिक्षक समाज का निर्माता होता है। यदि शिक्षक स्वस्थ रहेगा, तभी वह नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा और संस्कार दे सकेगा। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू की है।"

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।

क्या है कैशलेस चिकित्सा योजना?

Uttar Pradesh Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Yojana

कैशलेस चिकित्सा योजना का उद्देश्य शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत इलाज के समय लाभार्थियों को अस्पताल में किसी प्रकार का नकद भुगतान नहीं करना होगा। इलाज का खर्च सरकार और बीमा व्यवस्था के माध्यम से सीधे अस्पतालों को दिया जाएगा।

योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र लाभार्थी को हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके माध्यम से वह सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेगा।

किन लोगों को मिलेगा लाभ?

राज्य सरकार के अनुसार इस योजना का लाभ लगभग 12 लाख लोगों को मिलेगा। इनमें शामिल हैं—

सरकार का कहना है कि भविष्य में योजना का दायरा और भी बढ़ाया जा सकता है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं

इस योजना में कई महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल की गई हैं।

छात्रों के लिए 1320 करोड़ रुपये की डीबीटी

यूपी में स्कूली बच्चों के अभिभावकों को मिलेंगे 1200 रुपये, 8 जुलाई को सीधे खातों में भेजी जाएगी रकम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों के बैंक खातों में 1320 करोड़ रुपये की डीबीटी राशि भी ट्रांसफर की।

यह राशि यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी खरीदने के लिए भेजी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से अभिभावकों को अपनी आवश्यकता के अनुसार सामग्री खरीदने की स्वतंत्रता मिलेगी और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।

वाराणसी से क्यों हुई शुरुआत?

CM योगी की नई योजना: 18 हजार से ज्यादा सैलरी वाली नौकरी, अडानी-SBI और ताज  ग्रुप में रोजगार की गारंटी - CM Yogi Job scheme 18 thousand salary per  month employment in

सरकार ने इस योजना की शुरुआत वाराणसी से की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी सदियों से शिक्षा और संस्कृति का केंद्र रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण भी यह स्थान विशेष महत्व रखता है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से हेल्थ कार्ड भी वितरित किए और योजना की आधिकारिक शुरुआत की।

कैसे होगा योजना का क्रियान्वयन?

स्वस्थ शिक्षक, सशक्त परिषदीय विद्यालय" 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा  योजना' शिक्षकों व उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा ...

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार अगले कुछ दिनों में सभी पात्र शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों का डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद लाभार्थियों को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से हेल्थ कार्ड डाउनलोड करने का लिंक भेजा जाएगा।

सरकार जल्द ही एक टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू करेगी, जहां योजना से संबंधित किसी भी समस्या का समाधान किया जाएगा।

शिक्षकों ने किया स्वागत

राज्य के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इस योजना का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पहले इलाज के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च करना पड़ता था और मेडिकल रिइम्बर्समेंट की प्रक्रिया लंबी एवं जटिल होती थी।

नई व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों को आर्थिक राहत मिलेगी और वे समय पर इलाज करा सकेंगे।

विशेषज्ञों की राय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि एसबीआई के साथ साझेदारी से भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी।

हालांकि विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अस्पतालों को समय पर भुगतान मिले और ग्रामीण क्षेत्रों तक इसकी जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचे।

0.0
Average Rating
0 Ratings
Tap a star to rate this article: