भारत में 16 जून को Telegram पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध के बाद VPN एप्स की डाउनलोडिंग में इस साल की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एप इंटेलिजेंस फर्मों के आंकड़ों के अनुसार, Telegram तक पहुंच बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में यूजर्स ने VPN और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स का रुख किया।
एक ही दिन में लाखों डाउनलोड बढ़े
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 17 जून को भारत में टॉप 100 VPN एप्स के कुल डाउनलोड 9.19 लाख तक पहुंच गए। यह आंकड़ा 9 से 15 जून के औसत डाउनलोड की तुलना में करीब 76 प्रतिशत अधिक रहा। वहीं, 16 जून को भी VPN एप्स की डाउनलोडिंग में तेज उछाल देखने को मिला और कुल डाउनलोड 6.45 लाख तक पहुंच गए। विशेषज्ञों के अनुसार, 2025 की शुरुआत के बाद VPN डाउनलोड में यह सबसे बड़ी वृद्धि है।
Proton VPN और Turbo VPN को सबसे ज्यादा फायदा
डेटा के अनुसार, Proton VPN के डाउनलोड में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई। 17 जून को इसके डाउनलोड 1.55 लाख से अधिक रहे, जो सामान्य दिनों की तुलना में 157 प्रतिशत ज्यादा हैं। वहीं Turbo VPN के डाउनलोड भी लगभग दोगुने हो गए और यह आंकड़ा 1.22 लाख तक पहुंच गया। इसके अलावा Ninja VPN में 669 प्रतिशत और Express VPN में 345 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
Google Play Store रैंकिंग में बड़ा बदलाव
VPN एप्स की बढ़ती लोकप्रियता का असर Google Play Store की रैंकिंग पर भी साफ दिखाई दिया। Proton VPN, जो 17 जून को टूल्स कैटेगरी में आठवें स्थान पर था, 19 जून तक पहले स्थान पर पहुंच गया।इसी तरह Turbo VPN ने भी शानदार छलांग लगाई और 11वें स्थान से सीधे दूसरे नंबर पर पहुंच गया।
Telegram बैन का सीधा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि Telegram पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध के कारण यूजर्स ने वैकल्पिक तरीकों की तलाश शुरू कर दी। इसी वजह से VPN सेवाओं की मांग में अचानक तेजी आई और कई VPN एप्स को रिकॉर्ड डाउनलोड हासिल हुए। यह घटनाक्रम दिखाता है कि किसी लोकप्रिय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगने का असर केवल उस ऐप तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उससे जुड़े दूसरे डिजिटल टूल्स और सेवाओं की मांग भी तेजी से बढ़ जाती है।