बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) में मंगलवार को नर्सों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया। बड़ी संख्या में नर्सें अस्पताल परिसर से बाहर निकलकर सड़क पर प्रदर्शन करने लगीं। प्रदर्शनकारी नर्सों ने कहा कि जब तक स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय (यदि आपके इनपुट के अनुसार "निशांत कुमार" का संदर्भ है, तो नाम की आधिकारिक पुष्टि कर लें) से उनकी मुलाकात नहीं होगी और उनकी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगी।
नर्स के पति की मौत के बाद भड़का विवाद
नर्सों के अनुसार, PMCH में कार्यरत स्टाफ नर्स लक्ष्मी कुमारी के पति मेडिकल आईसीयू में इलाज के लिए भर्ती थे। आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर की लापरवाही और समय पर जीवन रक्षक दवा नहीं दिए जाने के कारण उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल की नर्सों में भारी आक्रोश फैल गया।
डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग
प्रदर्शन कर रही नर्सों ने मेडिकल आईसीयू में तैनात डॉक्टर सौरव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपी डॉक्टर का मेडिकल रजिस्ट्रेशन तत्काल रद्द किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मारपीट का भी लगाया आरोप
नर्सों का आरोप है कि जब उन्होंने इस मामले का विरोध किया तो आरोपी डॉक्टर और कुछ जूनियर डॉक्टरों ने उनके साथ मारपीट की। इस घटना के बाद नर्सों ने सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार का फैसला लिया और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा असर
नर्सों के कार्य बहिष्कार का असर PMCH की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी देखने को मिला। कई वार्डों में नियमित कामकाज प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारी नर्सों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।