NEET UG-2026 परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) गुरुवार को लखीसराय मंडल कारा में बंद आरोपियों को 72 घंटे की रिमांड पर लेकर पटना जाएगी। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान पूरे फर्जीवाड़े से जुड़े नेटवर्क की अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
अदालत से मिली रिमांड की अनुमति
शहर के किऊल और कबैया थाना में दर्ज तीन मामलों में न्यायालय से रिमांड की अनुमति मिलने के बाद ईओयू ने पूछताछ की तैयारी पूरी कर ली है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) ने किऊल और कबैया थाने में दर्ज मामलों में भी रिमांड की मंजूरी दे दी है।
इससे पहले कबैया थाना में दर्ज एक अन्य मामले में भी ईओयू को रिमांड की स्वीकृति मिल चुकी थी।
पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद
जांच एजेंसी का मानना है कि 72 घंटे की पूछताछ के दौरान परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़े पूरे नेटवर्क, उसके संचालकों और अन्य सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। पूछताछ के आधार पर मामले में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
अन्य जिलों और राज्यों तक बढ़ सकती है जांच
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर जांच का दायरा बिहार के अन्य जिलों के साथ-साथ दूसरे राज्यों तक भी बढ़ाया जा सकता है। यदि नेटवर्क के तार अन्य स्थानों से जुड़े पाए जाते हैं, तो संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूछताछ के बाद हो सकते हैं बड़े खुलासे
आर्थिक अपराध इकाई की टीम आरोपियों से तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर गहन पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि इस रिमांड के दौरान सामने आने वाली जानकारी जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।