देशभर के करोड़ों LPG उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। गैस कंपनियों और संबंधित विभागों ने ऐसे उपभोक्ताओं से जल्द से जल्द LPG e-KYC और Aadhaar Biometric Authentication पूरा करने की अपील की है, जिनकी यह प्रक्रिया अभी लंबित है। इसका मकसद लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करना और गैस सब्सिडी को वास्तविक उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है।
e-KYC क्यों है जरूरी?
सरकार और गैस कंपनियां चाहती हैं कि LPG सब्सिडी केवल पात्र उपभोक्ताओं को ही मिले। e-KYC और आधार आधारित सत्यापन से फर्जी कनेक्शन, डुप्लीकेट लाभार्थियों और गलत दावों पर रोक लगाने में मदद मिलती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सब्सिडी सही व्यक्ति के बैंक खाते में पहुंचे और गैस कनेक्शन का लाभ वास्तविक उपभोक्ता को ही मिले।
e-KYC नहीं कराने पर क्या हो सकता है असर?
इंडेन, भारत गैस और HP गैस जैसी कंपनियां लगातार उपभोक्ताओं को e-KYC पूरा करने की सलाह दे रही हैं। कंपनियों का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं की e-KYC लंबित है, उन्हें भविष्य में LPG सब्सिडी मिलने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, जिन लोगों की e-KYC पहले ही पूरी हो चुकी है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं है।
मोबाइल से ऐसे करें LPG e-KYC
अगर आपकी e-KYC लंबित है, तो आप इसे घर बैठे मोबाइल से भी पूरा कर सकते हैं।
स्टेप 1: सबसे पहले Aadhaar FaceRD ऐप डाउनलोड करें। यह फेस ऑथेंटिकेशन के लिए जरूरी है।
स्टेप 2: अपनी गैस कंपनी का आधिकारिक ऐप इंस्टॉल करें।
- Indane ग्राहक – IndianOil One ऐप
- Bharat Gas ग्राहक – BharatGas ऐप
- HP Gas ग्राहक – HP Pay या संबंधित आधिकारिक ऐप
स्टेप 3: ऐप में अपने मोबाइल नंबर या कस्टमर आईडी से लॉगिन करें।
स्टेप 4: LPG e-KYC या Aadhaar Authentication विकल्प चुनें।
स्टेप 5: अपना आधार नंबर सत्यापित करें और Face Authentication प्रक्रिया पूरी करें। सफल फेस वेरिफिकेशन के बाद आपकी e-KYC पूरी हो जाएगी।
दिक्कत आने पर क्या करें?
अगर मोबाइल ऐप के जरिए आधार सीडिंग या ऑथेंटिकेशन में कोई परेशानी आती है, तो अपने नजदीकी LPG गैस एजेंसी या वितरक से संपर्क करें। वहां आधार कार्ड और जरूरी दस्तावेजों की मदद से e-KYC पूरी कराई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी किया जाएगा।
कौन कराए e-KYC?
ध्यान रखें कि Aadhaar Biometric Authentication केवल उन्हीं उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है, जिनकी e-KYC अभी तक लंबित है। जिन लोगों का सत्यापन पहले ही पूरा हो चुका है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया करने की आवश्यकता नहीं है।