बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिज को 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी है। इस याचिका में जैकलीन ने हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया को बरकरार रखा गया था।
क्या था दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला?
यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की अभियोजन शिकायत को रद्द करने से इनकार कर दिया था। साथ ही ट्रायल कोर्ट द्वारा जैकलीन फर्नांडिज के खिलाफ आरोप तय करने के फैसले में भी कोई हस्तक्षेप नहीं किया था।
जस्टिस नागरत्ना और जस्टिस बागची की बेंच में हुई सुनवाई
गुरुवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच के सामने जैकलीन ने अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। सुप्रीम कोर्ट ने उनका अनुरोध स्वीकार करते हुए याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी।
ट्रायल कोर्ट में खुद को बताया बेगुनाह
इससे पहले 3 जून को पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के दौरान जैकलीन फर्नांडिज ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा था कि वह इस मामले में मुकदमे का सामना करेंगी और कानूनी प्रक्रिया के जरिए अपनी बात रखेंगी।
16 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में सुकेश चंद्रशेखर, उनकी पत्नी लीना मारिया पॉल और 14 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय किए हैं। सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।
सरकारी गवाह बनने की अर्जी भी ले चुकी हैं वापस
सुप्रीम कोर्ट में यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है, जब कुछ सप्ताह पहले जैकलीन ने इस मामले में सरकारी गवाह बनने की अपनी अर्जी भी वापस ले ली थी। प्रवर्तन निदेशालय ने उस अर्जी का विरोध करते हुए कहा था कि जांच के दौरान अभिनेत्री का सहयोग संतोषजनक नहीं रहा।
ईडी ने लगाए गंभीर आरोप
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि जैकलीन फर्नांडिज को सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी थी, इसके बावजूद वह उनके संपर्क में बनी रहीं। एजेंसी का दावा है कि सुकेश ने कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग से अर्जित धन से जैकलीन को महंगे गिफ्ट, लग्जरी सामान और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं। ईडी के अनुसार, जैकलीन ने करीब 7 करोड़ रुपये के महंगे उपहार प्राप्त किए। हालांकि अभिनेत्री लगातार यह कहती रही हैं कि उन्हें न तो सुकेश की कथित आपराधिक गतिविधियों की जानकारी थी और न ही उन उपहारों के लिए इस्तेमाल किए गए पैसों के स्रोत की।
क्या है पूरा मामला?
यह मनी लॉन्ड्रिंग केस उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें कहा गया है कि सुकेश चंद्रशेखर ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से करीब 200 करोड़ रुपये की कथित ठगी की थी। इसी मामले की जांच के दौरान जैकलीन फर्नांडिज का नाम भी सामने आया था।