दिल्ली में चल रहे CJP के विरोध-प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और फिल्म जगत की कई हस्तियां अपनी प्रतिक्रिया दे रही हैं। इसी बीच अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी का बयान चर्चा में है। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही में शामिल होने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में प्रदर्शन को लेकर अपनी राय रखी।
'सड़क पर प्रदर्शन नहीं, बातचीत से निकलेगा हल'
हेमा मालिनी ने कहा कि यदि किसी भी मुद्दे पर समस्या है तो उसका समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए। उनके मुताबिक सड़कों पर प्रदर्शन करने से कोई स्थायी हल नहीं निकलता। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वालों को सरकार के साथ बैठकर अपनी बात रखनी चाहिए, ताकि सभी पक्षों के बीच संवाद हो सके और किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके।
'सरकार युवाओं और शिक्षा के लिए काम कर रही है'
हेमा मालिनी ने कहा कि सरकार युवाओं और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रदर्शन का कोई औचित्य नहीं दिखता और बेहतर होगा कि संबंधित पक्ष बातचीत के माध्यम से अपनी चिंताओं का समाधान तलाशें।
छात्रों को प्रदर्शन में शामिल करने पर जताई आपत्ति
हेमा मालिनी ने यह भी कहा कि छात्रों को इस तरह के आंदोलनों में शामिल करना उचित नहीं है। उनके अनुसार छात्रों को गुमराह करने के बजाय सही जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं का ध्यान अपनी पढ़ाई और भविष्य पर होना चाहिए, न कि विवादों में उलझने पर।
कंगना रनौत ने भी रखी अपनी राय
इस मुद्दे पर अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। ANI से बातचीत में कंगना ने कहा कि सरकार पर दबाव बनाकर यह तय नहीं किया जा सकता कि किस मंत्री को हटाया जाए और किसे पद पर रखा जाए। उनके मुताबिक इस तरह का तरीका उचित नहीं है।
बयानों पर जारी है चर्चा
CJP प्रदर्शन को लेकर लगातार राजनीतिक और फिल्मी हस्तियों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में हेमा मालिनी और कंगना रनौत के बयान भी सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बने हुए हैं।