कभी-कभी एक फैसले से पूरी जिंदगी बदल जाती है। झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली अवनी केजरीवाल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। सीबीएसई कक्षा 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद अवनी को लगा कि उनके कुछ विषयों में उम्मीद से कम अंक दिए गए हैं। उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के लिए आवेदन किया। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे देश को चौंका दिया।
री-इवैल्यूएशन के बाद अवनी के कुल अंकों में 24 अंकों की बढ़ोतरी हुई और उनका स्कोर सीधे *500 में 500* पहुंच गया। इसके साथ ही वह देशभर में सीबीएसई कक्षा 12 कॉमर्स स्ट्रीम की राष्ट्रीय टॉपर बन गईं।
कौन हैं अवनी केजरीवाल ?
अवनी केजरीवाल झारखंड के रांची स्थित *Delhi Public School (DPS), SAIL Township, Dhurwa* की कॉमर्स की छात्रा हैं। पढ़ाई में शुरू से ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली अवनी ने इस वर्ष सीबीएसई 12वीं परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन प्रारंभिक परिणाम देखकर उन्हें लगा कि कुछ विषयों में अंक उनकी अपेक्षा से कम हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पिता *मितेश केजरीवाल* व्यवसायी हैं, जबकि उनकी मां *पूनम केजरीवाल* गृहिणी हैं। परिवार और शिक्षकों का कहना है कि अवनी शुरू से ही पढ़ाई के प्रति बेहद अनुशासित और समर्पित रही हैं।
कैसे बदल गई पूरी कहानी ?
अवनी को सबसे ज्यादा हैरानी अंग्रेजी विषय के अंकों को लेकर हुई। उनका कहना था कि अंग्रेजी उनका सबसे मजबूत और पसंदीदा विषय है, फिर भी उसमें अपेक्षा से काफी कम अंक दिए गए थे। इसी कारण उन्होंने उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच कराने का फैसला किया।
री-इवैल्यूएशन के बाद अंग्रेजी में उनके 19 अंक बढ़े, जबकि बिजनेस स्टडीज में 5 अंक और जुड़ गए। कुल मिलाकर 24 अंकों की बढ़ोतरी हुई और उनका अंतिम स्कोर 500 में 500 हो गया। यह बदलाव उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान तक ले गया।
पांचों मुख्य विषयों में मिले पूरे अंक
पुनर्मूल्यांकन के बाद अवनी को अपने पांचों मुख्य विषयों में 100-100 अंक प्राप्त हुए। इनमें:
* इंग्लिश कोर
* अकाउंटेंसी
* बिजनेस स्टडीज
* इकोनॉमिक्स
* एप्लाइड मैथेमेटिक्स
शामिल हैं। इसके अलावा अतिरिक्त विषय ग्राफिक्स में भी उन्होंने 99 अंक प्राप्त किए।
सीबीएसई जैसी राष्ट्रीय बोर्ड परीक्षा में सभी मुख्य विषयों में पूर्ण अंक हासिल करना बेहद दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है। यही कारण है कि अवनी की सफलता पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है।
अवनी ने क्या कहा ?
मीडिया से बातचीत में अवनी ने कहा कि उन्हें अपनी तैयारी और परीक्षा में किए गए प्रदर्शन पर पूरा भरोसा था। यही विश्वास उन्हें री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने की प्रेरणा देता रहा।
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि अंक बढ़ सकते हैं, लेकिन यह कल्पना नहीं की थी कि परिणाम 500 में 500 तक पहुंच जाएगा। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को दिया।
छात्रों के लिए क्या संदेश ?
अवनी की कहानी उन लाखों छात्रों के लिए महत्वपूर्ण संदेश है जो कभी-कभी अपने परिणाम से निराश हो जाते हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी छात्र को अपने प्रदर्शन पर भरोसा है और उसे लगता है कि मूल्यांकन में त्रुटि हुई है, तो बोर्ड द्वारा उपलब्ध पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया का उपयोग करना चाहिए।
अवनी का मामला यह भी दर्शाता है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार की गुंजाइश हमेशा रहती है और सही समय पर उठाया गया कदम किसी छात्र के भविष्य को बदल सकता है।
आगे क्या करना चाहती हैं अवनी ?
रिपोर्ट्स के मुताबिक अवनी भविष्य में बिजनेस मैनेजमेंट के क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं। वह CUET-UG 2026 परीक्षा भी दे चुकी हैं और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में दाखिला लेने की तैयारी कर रही हैं।
अवनी केजरीवाल की यह सफलता केवल एक रिजल्ट की कहानी नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास, धैर्य और अपने प्रदर्शन पर भरोसा रखने की मिसाल है। रांची की इस छात्रा ने साबित कर दिया कि कभी-कभी एक सही निर्णय आपको सीधे देश के शीर्ष पर पहुंचा सकता है।![]()