उत्तर प्रदेश के रामपुर में करीब 150 वर्ष पुरानी बताई जा रही हजरत शहंशाह मियां की मस्जिद और मजार को लेकर विवाद सामने आया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सरकारी भूमि पर कथित अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए मस्जिद और मजार के मुतवल्ली को नोटिस जारी किया है। विभाग ने धार्मिक स्थल पर भी नोटिस चस्पा कर सात दिनों के भीतर भूमि और निर्माण से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है।
सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण का आरोप
मामला रामपुर के मोहल्ला चिरान स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड परिसर का बताया जा रहा है। PWD का कहना है कि संबंधित निर्माण सरकारी भूमि पर बिना अनुमति के किया गया है। विभाग के अनुसार, इस निर्माण के कारण परिसर में निर्माण सामग्री रखने और विभागीय वाहनों की आवाजाही में बाधा उत्पन्न हो रही है।
सात दिन में मांगे गए वैध दस्तावेज
PWD द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित सात दिनों के भीतर भूमि और निर्माण से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो संबंधित निर्माण को अवैध मानते हुए नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुतवल्ली ने विभाग के दावे का किया विरोध
वहीं, मस्जिद और मजार के मुतवल्ली ने विभाग के दावों का विरोध करते हुए कहा कि यह धार्मिक स्थल लगभग 150 वर्ष पुराना है और PWD कार्यालय के निर्माण से भी पहले से अस्तित्व में है। उनका दावा है कि मस्जिद और मजार से जुड़े सभी आवश्यक अभिलेख उनके पास उपलब्ध हैं और उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर विभाग को सौंप दिया जाएगा।
दस्तावेजों की जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल मामला प्रशासनिक प्रक्रिया के अधीन है। अब आगे की कार्रवाई दस्तावेजों के सत्यापन और संबंधित अधिकारियों के निर्णय के आधार पर की जाएगी। इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।