Khabar Supar Fast - Latest News & Updates | खबर | Supar Fast Khabar Supar Fast
होम राशिफल
शॉर्ट वीडियो
ई-पेपर सर्च

13 सूत्रीय मांगों को लेकर चालकों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू, प्रधानमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन

प्रकाशित: 02-07-2026, 11:04 AM
13 सूत्रीय मांगों को लेकर चालकों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू, प्रधानमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन
शेयर करें:

आजमगढ़ में वाहन चालक कल्याण समिति संपूर्ण भारत के बैनर तले चालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपते हुए चालक वर्ग के हितों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं।

ड्राइवर आयोग और वेलफेयर बोर्ड गठन की मांग

प्रदर्शनकारी चालकों ने राष्ट्रीय ड्राइवर आयोग और ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड के गठन की मांग की। उनका कहना है कि देशभर के वाहन चालक लंबे समय से विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनके हितों के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।

13 सूत्रीय मांगों में सामाजिक सुरक्षा पर जोर

ज्ञापन में चालक आयोग के गठन के अलावा अवैध वसूली पर रोक, सड़क दुर्घटना में मृत चालक के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, संविदा चालकों का स्थायीकरण, विधवा एवं वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग सहायता, राष्ट्रीय हेल्पलाइन, चालक सुरक्षा कोष, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, सामाजिक सुरक्षा बीमा और चालक परिवारों के लिए विशेष कल्याणकारी योजनाएं लागू करने सहित 13 प्रमुख मांगें शामिल हैं।

'उत्पीड़न से परेशान हैं चालक'

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश चंद यादव ने कहा कि वाहन चालक लंबे समय से पुलिस, परिवहन विभाग और अन्य एजेंसियों द्वारा कथित उत्पीड़न, अवैध वसूली और असुरक्षा जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई बार मांग उठाने के बावजूद समाधान नहीं मिलने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज

संगठन ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि देशभर के चालक वर्ग के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। साथ ही कहा कि धरने के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

 
0.0
Average Rating
0 Ratings
Tap a star to rate this article: