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100 करोड़ की जमीन पर सियासी संग्राम! बीजेपी ने खड़गे परिवार पर लगाए गंभीर आरोप, राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा का भी किया जिक्र

प्रकाशित: 26-06-2026 01:13 PM
100 करोड़ की जमीन पर सियासी संग्राम! बीजेपी ने खड़गे परिवार पर लगाए गंभीर आरोप, राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा का भी किया जिक्र
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सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को जमीन आवंटन पर गरमाई राजनीति, बीजेपी ने कहा- 'वाड्रा मॉडल' दोहराया गया; कांग्रेस ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश


कर्नाटक में जमीन आवंटन को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस अध्यक्ष **मल्लिकार्जुन खड़गे** और उनके बेटे **प्रियंक खड़गे** पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनके परिवार से जुड़े **सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट** को करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर दिलाई गई। बीजेपी का कहना है कि यह मामला केवल एक जमीन आवंटन का नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग और कथित भ्रष्टाचार का उदाहरण है। वहीं कांग्रेस ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा, राजनीतिक रूप से प्रेरित और ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है।

 क्या हैं बीजेपी के आरोप?

Press conference of BJP National Spokesperson Shri Pradeep Bhandari |  भारतीय जनता पार्टी

 

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता **प्रदीप भंडारी** ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट बोर्ड (KIADB) ने एयरोस्पेस और डिफेंस रिसर्च के नाम पर **करीब 5 एकड़ औद्योगिक जमीन**, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग **100 करोड़ रुपये** बताई जा रही है, सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को आवंटित की।

बीजेपी का दावा है कि ट्रस्ट के पास इस क्षेत्र में कोई अनुभव नहीं था, फिर भी उसे औद्योगिक भूमि दे दी गई। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी कलबुर्गी (गुलबर्गा) में ट्रस्ट को सरकारी जमीन आवंटित की गई थी, जिससे खड़गे परिवार को लाभ पहुंचा। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा का क्यों लिया गया नाम?

Robert Vadra Controversy; Pahalgam Attack | Mulsims Hindutva

उन्हों ने दावा किया कि जिस प्रकार पहले गांधी-वाड्रा परिवार से जुड़े भूमि सौदों पर सवाल उठे थे, उसी तरह अब खड़गे परिवार से जुड़े ट्रस्ट के मामले की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, **बीजेपी ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी पर इस कथित जमीन आवंटन मामले में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने का आरोप नहीं लगाया**, बल्कि उनका नाम राजनीतिक संदर्भ में लिया।

 ट्रस्ट से क्या है खड़गे परिवार का संबंध?

5 एकड़ से 19 एकड़ तक…कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे पर BJP का बड़ा आरोप, सिद्धार्थ  विहार ट्रस्ट पर गरमाई सियासत - Bharat Buzz Live

बीजेपी के अनुसार, सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट में मल्लिकार्जुन खड़गे, उनके बेटे प्रियंक खड़गे और परिवार के अन्य सदस्य जुड़े हुए हैं। इसी आधार पर पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या ट्रस्ट को सरकारी जमीन आवंटित करने में प्रभाव का इस्तेमाल किया गया।

बीजेपी ने यह भी दावा किया कि कुछ अन्य जमीनों के आवंटन और कथित "डमी सेलर" के माध्यम से जमीन हस्तांतरण जैसे मामलों की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी या अदालत ने पुष्टि नहीं की है।

 कांग्रेस ने दिया करारा जवाब

RSS की गतिविधियों पर उठाए सवाल, इसलिए मिल रही धमकी'; कर्नाटक सरकार में  मंत्री प्रियांक खरगे का दावा - priyank kharge receives threats after  questioning rss activities in karnataka

बीजेपी के आरोपों के बाद कर्नाटक सरकार में मंत्री **प्रियंक खड़गे** ने पलटवार करते हुए कहा कि ट्रस्ट से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक रिकॉर्ड में उपलब्ध हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई गैरकानूनी काम हुआ था, तो पिछले कई वर्षों में केंद्र की एजेंसियों ने कार्रवाई क्यों नहीं की।

प्रियंक खड़गे ने कहा कि बीजेपी राजनीतिक लाभ के लिए झूठे आरोप लगा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी जांच की आवश्यकता होगी तो वे उसका सामना करने के लिए तैयार हैं। कांग्रेस का कहना है कि यह पूरा विवाद विपक्षी नेताओं की छवि खराब करने की कोशिश है।

 क्या जांच शुरू हुई है?

Centre brings ordinance to extend tenure of CBI, ED chiefs up to 5 years from earlier 2

अब तक उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार, बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आरोप लगाए हैं और जांच की मांग की है। **फिलहाल किसी अदालत, CBI, ED या अन्य सक्षम जांच एजेंसी ने इस विशेष मामले में खड़गे परिवार के खिलाफ कोई अंतिम निष्कर्ष या दोष सिद्ध नहीं किया है।**

यही वजह है कि इस पूरे मामले को फिलहाल **राजनीतिक आरोप और प्रत्यारोप** के रूप में देखा जा रहा है। यदि भविष्य में किसी एजेंसी की जांच शुरू होती है या कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने आती है, तो उसके आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

 क्यों अहम है यह विवाद?

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब देश में भूमि आवंटन और कथित भ्रष्टाचार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। हाल ही में कांग्रेस ने भी भाजपा शासित राज्यों में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठाए थे। ऐसे में भाजपा ने अब कांग्रेस अध्यक्ष और उनके परिवार को निशाने पर लेकर राजनीतिक मुकाबले को और तेज कर दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मामले में औपचारिक जांच होती है तो इसका असर केवल कर्नाटक की राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी इसकी गूंज सुनाई दे सकती है।                            

(Ritika)

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