खबर Supar Fast
होम राशिफल
शॉर्ट वीडियो
ई-पेपर सर्च

केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन: UAPA के तहत 23 पाकिस्तान आधारित आतंकियों को घोषित किया गया 'आतंकवादी', चौथी अनुसूची में जोड़े गए नाम

प्रकाशित: 04-07-2026 10:37 AM
केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन: UAPA के तहत 23 पाकिस्तान आधारित आतंकियों को घोषित किया गया 'आतंकवादी', चौथी अनुसूची में जोड़े गए नाम
शेयर करें:

नई दिल्ली: आतंकवाद के खिलाफ अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति को और सख्ती से लागू करते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने पाकिस्तान में सक्रिय 23 आतंकवादियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत आधिकारिक रूप से 'व्यक्तिगत आतंकवादी' (Individual Terrorist) घोषित कर दिया है। इसके लिए गृह मंत्रालय ने राजपत्र (Gazette) अधिसूचना जारी करते हुए इन सभी के नाम UAPA की चौथी अनुसूची (Fourth Schedule) में शामिल किए हैं।

सरकार के अनुसार, सूची में शामिल सभी व्यक्ति पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठनों और उनके सहयोगी नेटवर्क से जुड़े रहे हैं तथा भारत विरोधी आतंकवादी गतिविधियों, घुसपैठ, हथियारों की तस्करी, आतंकी फंडिंग, भर्ती और जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क संचालित करने में कथित रूप से सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

किन संगठनों से जुड़े हैं ये आतंकी?

Countering terrorism in today's world

गृह मंत्रालय के अनुसार, सूची में शामिल अधिकांश नाम जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) जैसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। कुछ व्यक्तियों के संबंध अन्य अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से भी बताए गए हैं।

सरकार का कहना है कि इन व्यक्तियों ने सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देने, भारत में हिंसक गतिविधियों की साजिश रचने और आतंकी ढांचे को मजबूत करने में भूमिका निभाई है।

इन आतंकियों के नाम सूची में शामिल

गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सूची में शामिल प्रमुख नामों में शामिल हैं—

जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े कथित आतंकी

लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और सहयोगी नेटवर्क से जुड़े कथित आतंकी

गृह मंत्रालय के अनुसार, मोहम्मद शहीद फैसल के संबंध अल-कायदा और आईएसआईएस (ISIS) जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों से भी बताए गए हैं।

कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़े होने का आरोप

गृह मंत्रालय का कहना है कि सूची में शामिल कई आतंकियों पर भारत में हुए बड़े आतंकी हमलों और आतंकी साजिशों में शामिल होने के आरोप हैं।

सरकार के अनुसार, इनमें कुछ व्यक्तियों पर—

जैसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।

हालांकि, इन आरोपों का आधार गृह मंत्रालय और जांच एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड एवं जांच सामग्री पर आधारित है।

UAPA के तहत 'आतंकवादी' घोषित होने का क्या मतलब है?

यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए)

गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 भारत का प्रमुख आतंकवाद-रोधी कानून है।

वर्ष 2019 में इस कानून में संशोधन किया गया, जिसके बाद केवल किसी संगठन को ही नहीं बल्कि किसी व्यक्ति को भी आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित करने का प्रावधान जोड़ा गया।

यदि किसी व्यक्ति का नाम UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किया जाता है, तो उसके खिलाफ विभिन्न कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल जाता है।

इसके तहत जांच एजेंसियां—

हालांकि, ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को कानून के तहत उपलब्ध न्यायिक प्रक्रिया और कानूनी उपायों का अधिकार भी प्राप्त रहता है।

सरकार ने क्या कहा?

पाँच बड़ी ख़बरें: अमित शाह ने कहा, बांग्लादेशी घुसपैठियों को चुन-चुन कर  बाहर निकालेंगे - BBC News हिंदी

गृह मंत्रालय का कहना है कि यह कार्रवाई भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और सीमा पार से संचालित आतंकी ढांचे पर प्रभावी प्रहार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सरकार के अनुसार, सूची में शामिल सभी व्यक्ति भारत विरोधी गतिविधियों, आतंकियों की भर्ती, हथियारों की तस्करी, घुसपैठ, आतंकी फंडिंग और हिंसा फैलाने के प्रयासों में कथित रूप से सक्रिय रहे हैं।

सरकार ने इस कदम को आतंकवाद के खिलाफ अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा बताया है।

अब कुल 80 व्यक्ति घोषित आतंकवादी

इन 23 नए नामों को चौथी अनुसूची में शामिल किए जाने के बाद UAPA के तहत सूचीबद्ध व्यक्तिगत आतंकवादियों की कुल संख्या बढ़कर 80 हो गई है।

सरकार का मानना है कि इससे पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क पर दबाव बढ़ेगा, उनके वित्तीय स्रोतों पर कार्रवाई को गति मिलेगी और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अधिक प्रभावी होगी।

0.0
Average Rating
0 Ratings
Tap a star to rate this article: