बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही NEET प्रश्नपत्र लीक मामले और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की, जबकि सत्ता पक्ष ने प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ और हिंसा का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
NEET मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा
सत्र शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने NEET पेपर लीक मामले और छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। विपक्ष का कहना था कि यह गंभीर मामला है और इस पर सदन में तत्काल चर्चा होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर विपक्ष ने कार्यस्थगन प्रस्ताव लाने की कोशिश की।
सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर लगाए आरोप
वहीं सत्ता पक्ष ने प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाओं का उल्लेख करते हुए इसके लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। सत्ता पक्ष का आरोप था कि आंदोलन की आड़ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की गई।
आठ मिनट तक सदन में हंगामा
दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर करीब आठ मिनट तक चलता रहा। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। इस दौरान विपक्ष ने सदन का बहिष्कार भी किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही की स्थगित
सदन में जारी हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद सदन में इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाया जाता है।