पूर्व आईपीएस अधिकारी और वर्तमान भाजपा विधायक आनंद मिश्रा ने केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला छात्रों और देश के हित को ध्यान में रखकर लिया गया है।
"इस्तीफा देकर बच्चों के भविष्य की चिंता दिखाई"
आनंद मिश्रा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देकर यह साबित किया है कि वह देश के बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उनके अनुसार, यह निर्णय व्यक्तिगत नहीं बल्कि व्यापक जनहित और छात्रों के हित में लिया गया कदम है।
NEET पेपर लीक मामले का किया जिक्र
उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक सामने आने के बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई की थी। उनके मुताबिक, करीब 26 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा कराकर यह संदेश दिया गया कि छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
"आंदोलन में बाहरी तत्व भी शामिल थे"
आनंद मिश्रा ने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन के बीच कुछ बाहरी तत्व भी शामिल हो गए थे, जिन्होंने माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हमेशा छात्रों के हितों की रक्षा करना रहा।
"देश और छात्रों के हित में लिया गया निर्णय"
भाजपा विधायक ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि सरकार छात्रों की भावनाओं और उनके भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने इसे देश और विद्यार्थियों के हित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया।