मिर्जापुर: विश्व प्रसिद्ध मां विंध्यवासिनी धाम में गुरुवार को दो पुरोहितों के बीच हुआ विवाद मारपीट में बदल गया। घटना का कथित सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
वीआईपी दर्शन के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, पुरोहित अजय दुबे एक वीआईपी श्रद्धालु को गर्भगृह में दर्शन करा रहे थे। इसी दौरान दूसरे पुरोहित अमन गिरी से दर्शन व्यवस्था और रास्ता खाली करने को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई।
मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद गर्भगृह से बाहर निकलकर परिक्रमा पथ और मुख्य द्वार तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर वायरल कथित सीसीटीवी फुटेज में एक पुरोहित के साथ मारपीट होती दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पुलिस समय रहते प्रभावी हस्तक्षेप नहीं कर सकी, जिससे विवाद बढ़ गया। हालांकि, पुलिस की ओर से इस आरोप पर अलग से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
घायल पुरोहित ने दी तहरीर, बाद में हुआ समझौता
मारपीट में घायल बताए जा रहे अमन गिरी ने विंध्याचल थाने में तहरीर दी थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो जाने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ा।
थाना प्रभारी ने दी जानकारी
विंध्याचल थाना प्रभारी अजीत सिंह ने बताया कि वीआईपी दर्शन के दौरान दोनों पुरोहितों के बीच विवाद हुआ था। उन्होंने कहा कि बाद में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया, जिसके बाद आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
घटना के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा, मंदिर की व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे विवादों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।