मेरठ/लखनऊ: कांवड़ यात्रा को लेकर एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रवक्ता शादाब चौहान ने उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ईद की नमाज और कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था की तुलना करते हुए सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। वहीं, प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।
प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
शादाब चौहान ने आरोप लगाया कि ईद की नमाज के दौरान प्रशासन सख्ती बरतता है, जबकि कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष व्यवस्थाएं और रूट डायवर्जन किए जाते हैं। उनका कहना है कि सभी धार्मिक आयोजनों के प्रति प्रशासन का रवैया समान होना चाहिए।
कानून के समान पालन की मांग
एआईएमआईएम प्रवक्ता ने दावा किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ लोग नशे की हालत में भी शामिल होते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं होती और कानून का पालन सभी समुदायों के लिए समान रूप से किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
मांस की दुकानों और पुलिस की भूमिका पर भी आपत्ति
शादाब चौहान ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस की दुकानों को बंद रखने के निर्देशों पर भी आपत्ति जताई। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस द्वारा कांवड़ियों के स्वागत और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि प्रशासन को सभी धर्मों के प्रति समान व्यवहार अपनाना चाहिए।
प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
वहीं, कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
अव्यवस्था फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था भंग करने या किसी भी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।