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सुपौल में आंगनबाड़ी सहायिका के खाते में दिखे 740 करोड़ रुपये, बैंक ने खाता किया फ्रीज

प्रकाशित: 14-07-2026, 07:18 AM
सुपौल में आंगनबाड़ी सहायिका के खाते में दिखे 740 करोड़ रुपये, बैंक ने खाता किया फ्रीज
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सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड में एक आंगनबाड़ी सहायिका के बैंक खाते में अचानक 740 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई देने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। हरिहरपट्टी पंचायत के वार्ड संख्या-10 निवासी एवं आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-339 की सहायिका गीता देवी के खाते में ₹7,40,68,72,895.78 का बैलेंस दिखने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

पैसे निकालने पहुंचीं तो सामने आया मामला

जानकारी के अनुसार, 10 जुलाई को गीता देवी अपने खाते से पैसे निकालने के लिए गांव के एक सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) पहुंचीं। उन्होंने पहले 2,100 रुपये की निकासी की। इसके बाद जब सीएससी संचालक बलराम कुमार ने खाते का शेष बैलेंस जांचा, तो स्क्रीन पर 740 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई दी। यह देखकर गीता देवी और सीएससी संचालक दोनों हैरान रह गए।

पति से की बात, लेकिन नहीं मिला जवाब

गीता देवी ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि पंजाब में मजदूरी कर रहे उनके पति प्रदीप कुमार ने शायद कोई बड़ी राशि भेजी होगी। हालांकि, फोन पर बात करने पर उनके पति ने ऐसे किसी भी लेनदेन से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई।

दोबारा जांच में खाता मिला फ्रीज

सीएससी संचालक बलराम कुमार ने बताया कि वह पिछले 8 से 10 वर्षों से केंद्र चला रहे हैं, लेकिन इस तरह का मामला पहली बार सामने आया है। उन्होंने गीता देवी को सलाह दी कि यदि राशि उनकी नहीं है तो इसकी जानकारी तुरंत बैंक को दें। कुछ देर बाद जब दोबारा बैलेंस जांचा गया, तो खाता फ्रीज हो चुका था। इसके बाद 10 हजार रुपये निकालने का प्रयास भी असफल रहा।

तकनीकी गड़बड़ी या कोई और वजह? जांच जारी

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक आंगनबाड़ी सहायिका के खाते में इतनी बड़ी राशि कैसे दिखाई दी। यह बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी गड़बड़ी, साइबर त्रुटि या किसी अन्य कारण का परिणाम है, इसकी जांच की जा रही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

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