रायबरेली पुलिस ने साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को व्यवसाय और अधिक कमाई का झांसा देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध में करता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, फर्जी दस्तावेज और बैंकिंग से जुड़े कई सामान बरामद किए हैं।
संयुक्त कार्रवाई में मिली बड़ी सफलता
मिलएरिया थाना पुलिस और एसओजी/सर्विलांस टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर उफरामऊ क्षेत्र से सातों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस को लंबे समय से इस गिरोह की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।
बैंक खाते और एटीएम लेकर करते थे साइबर ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को नया व्यवसाय शुरू कराने और अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देते थे। झांसे में आने के बाद लोगों से उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में लेकर उनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था।
नकदी और फर्जी दस्तावेज बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹14,100 नकद, 7 फर्जी आधार कार्ड, 10 मोबाइल फोन, 10 एटीएम कार्ड, 4 बैंक पासबुक और 2 चेकबुक बरामद की हैं। बरामद सामान के आधार पर पुलिस गिरोह के नेटवर्क और अन्य सदस्यों की भी जांच कर रही है।
साइबर नेटवर्क की जांच तेज
गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह गिरोह किन-किन राज्यों और साइबर ठगी के मामलों से जुड़ा हुआ है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है।