इटावा: भरथना ब्लॉक की ग्राम पंचायत सराय चौरी स्थित लगभग 300 वर्ष पुराने राम-जानकी शिव मंदिर की भूमि पर कथित कब्जे के आरोप के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मंदिर की जमीन पर कब्जे का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि एक व्यक्ति कथित रूप से मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि इससे न केवल मंदिर की संपत्ति पर खतरा पैदा हुआ है, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक भावनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
आस्था का प्रमुख केंद्र है मंदिर
ग्रामीणों के अनुसार, राम-जानकी शिव मंदिर गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां हर वर्ष जनसहयोग से श्रीमद्भागवत कथा और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए यहां पहुंचते हैं।
35 बीघा भूमि दान होने का दावा
ग्रामीणों ने दावा किया कि वर्षों पहले गांव के एक श्रद्धालु ने मंदिर के नाम 35 बीघा भूमि दान की थी। उनका कहना है कि इस संबंध में दस्तावेज भी उपलब्ध हैं, जिनके आधार पर मंदिर की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं का भी किया उल्लेख
ग्रामीणों ने मंदिर से जुड़ी एक धार्मिक मान्यता का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि अतीत में मंदिर का शिवलिंग चोरी हुआ था, लेकिन बाद में उसे पुनः उसी स्थान पर स्थापित कर दिया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मंदिर की कथित अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराने, उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कराने और यदि अनियमितता पाई जाए तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।