Khabar Supar Fast - Latest News & Updates | खबर | Supar Fast Khabar Supar Fast
होम राशिफल
शॉर्ट वीडियो
ई-पेपर सर्च

'नया सवेरा 3.0' अभियान: बिहार पुलिस ने मानव तस्करी, बाल श्रम और महिला अपराधों के खिलाफ चलाया बड़ा अभियान

प्रकाशित: 28-07-2026, 11:18 AM
'नया सवेरा 3.0' अभियान: बिहार पुलिस ने मानव तस्करी, बाल श्रम और महिला अपराधों के खिलाफ चलाया बड़ा अभियान
शेयर करें:

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार को अपराध मुक्त और सभी वर्गों के लिए सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बिहार पुलिस एवं प्रशासन लगातार विशेष अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में 1 जुलाई से 14 जुलाई 2026 तक विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के सहयोग से ऑपरेशन "नया सवेरा 3.0" का संचालन किया गया। यह अभियान बाल श्रम, मानव तस्करी, बाल विवाह, नशाखोरी और महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के उद्देश्य से चलाया गया।

तीसरे चरण में चला 'नया सवेरा 3.0' अभियान

बिहार पुलिस के अनुसार, पहले चरण के 15 दिवसीय "नया सवेरा" और उसके बाद एक महीने तक चले "नया सवेरा 2.0" के सकारात्मक परिणामों के बाद तीसरे चरण के रूप में "नया सवेरा 3.0" संचालित किया गया। इस अभियान में पुलिस, प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।

बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई, 60 बच्चों को कराया गया मुक्त

अभियान के दौरान बाल श्रम से जुड़े मामलों पर विशेष फोकस किया गया। पुलिस ने 25 मामले दर्ज किए और 60 नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया।

मानव तस्करी और लैंगिक अपराधों पर बड़ी कार्रवाई

पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, लैंगिक अपराधों और ऑर्केस्ट्रा/डांस ग्रुप से जुड़े 9 मामलों में कार्रवाई करते हुए 25 नाबालिग बच्चियों को मुक्त कराया गया तथा एक महिला सहित कुल 5 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया।

अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ अभियान

अनैतिक देह व्यापार (ITPA) के तहत 12 मामले दर्ज किए गए। इनमें 23 नाबालिगों सहित कुल 53 पीड़ितों को मुक्त कराया गया, जबकि 52 महिलाओं समेत कुल 88 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया।

अन्य मानव तस्करी मामलों में भी कार्रवाई

मानव व्यापार से जुड़े अन्य 6 मामलों में 4 नाबालिग बच्चियों और 15 नाबालिग बच्चों सहित कुल 19 पीड़ितों को बचाया गया। इन मामलों में 4 महिलाओं समेत कुल 16 आरोपियों को हिरासत में लिया गया।

अन्य राज्यों और नेपाल की पीड़िताओं को भी बचाया गया

बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार, अभियान के दौरान मुक्त कराई गई पीड़िताओं में पश्चिम बंगाल की 13, ओडिशा की 15, छत्तीसगढ़ की 3, उत्तर प्रदेश की 1, असम की 1 तथा नेपाल की 2 पीड़िताएं शामिल हैं। सभी बाहरी राज्यों की पीड़िताओं को सुरक्षित उनके गृह जिलों तक भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

जन-जागरूकता अभियान भी चलाया गया

18 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक "नया सवेरा 3.0" के तहत राज्यभर में जागरूकता अभियान चलाया गया। इसका उद्देश्य बाल अपराध, मानव तस्करी, बाल श्रम और अन्य सामाजिक कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करना था।

10 हजार से अधिक गुमशुदा बच्चों का डेटा पोर्टल पर अपलोड

अभियान के दौरान 10,589 गुमशुदा बच्चों की जानकारी Mission Vatsalya Portal पर अपलोड की गई। जून 2026 में दर्ज 209 मामलों में से अब तक 32 बच्चों को बरामद किया जा चुका है।

'पुलिस दीदी' टीमों ने मनचलों पर की कार्रवाई

राज्यभर में संवेदनशील स्थानों पर 1005 'पुलिस दीदी' (अभया ब्रिगेड) टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने 612 मनचलों के खिलाफ कार्रवाई की और 20 एफआईआर दर्ज कराईं।

महिला छात्रावासों की सुरक्षा पर विशेष जोर

महिला छात्रावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 355 निजी छात्रावासों को चिन्हित किया गया। संचालकों को पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिन छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था नहीं है, वहां CCTV कैमरे, बायोमेट्रिक सिस्टम और विजिटर रजिस्टर अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

महिला अपराधों में तेज हुई न्यायिक कार्रवाई

बिहार पुलिस ने आरोपपत्र से जुड़े मामलों को TMS पोर्टल पर अपलोड कर न्यायिक कार्रवाई की निगरानी शुरू की है। अब तक 668 मामले पोर्टल पर दर्ज किए गए हैं। जून 2026 में बलात्कार के 30 मामलों में 35 आरोपियों तथा POCSO के 27 मामलों में 30 आरोपियों को अदालत से दोषसिद्धि और सजा दिलाई गई।

महिलाओं के खिलाफ अपराध में 67 गिरफ्तारियां

मई और जून 2026 के दौरान चलाए गए विशेष अभियान में महिलाओं के विरुद्ध अपराध से जुड़े मामलों में 67 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

SC/ST मामलों के त्वरित निपटारे पर भी जोर

विशेष अभियान के दौरान अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार से जुड़े मामलों में 74 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं 1 अप्रैल से 15 जुलाई 2026 के बीच प्राथमिकी और आरोपपत्र के आधार पर पात्र पीड़ितों को 2502 और 1580 मामलों में मुआवजा उपलब्ध कराया गया।

मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों के संरक्षण की पहल

मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम, 2017 की धारा-100 के तहत सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि भटकते हुए मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों को संरक्षण में लेकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाए। इस वर्ष कोईलवर स्थित बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं सहबद्ध संस्थान से उपचार के बाद 55 लोगों को स्वस्थ होने पर उनके परिवारों या Halfway Home भेजा जा चुका है।

'चार स्तंभों पर आधारित है अभियान'

अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध अनुसंधान विभाग एवं कमजोर वर्ग प्रभाग) के. सुहिता अनुपम ने कहा कि "नया सवेरा 3.0" एक बहुआयामी मॉडल है, जो प्रवर्तन, सहयोग, पुनर्वास और जन-जागरूकता के चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। उन्होंने बताया कि संवेदनशील जिलों में फील्ड टीमें, मोबाइल रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट और विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है।

0.0
Average Rating
0 Ratings
Tap a star to rate this article: