नई दिल्ली: दुनिया के दो अलग-अलग देशों से एक ही दिन विमान दुर्घटनाओं की दुखद खबरें सामने आई हैं। सऊदी अरब में एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में 14 लोगों की जान चली गई, जबकि फ्रांस में स्काईडाइविंग के लिए उड़ान भरने वाला एक छोटा विमान टेकऑफ के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट समेत सभी 11 लोगों की मौत हो गई। दोनों घटनाओं में कुल 25 लोगों की जान गई है। दोनों देशों की संबंधित एजेंसियों ने दुर्घटनाओं की जांच शुरू कर दी है।

रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत के रास तनूरा क्षेत्र में सऊदी अरामको का एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा रविवार सुबह हुआ, जिसमें हेलिकॉप्टर में सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। सभी मृतक सऊदी नागरिक बताए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हेलिकॉप्टर एक नियमित उड़ान पर था, लेकिन उड़ान के दौरान दुर्घटना का शिकार हो गया। दुर्घटना के कारणों का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है और जांच जारी है।
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।

दूसरी घटना फ्रांस के उत्तर-पूर्वी शहर नैंसी (टॉम्बलेन क्षेत्र) के पास हुई, जहां एक स्काईडाइविंग विमान टेकऑफ के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में पायलट सहित 11 लोग सवार थे और सभी की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में पायलट, पांच स्काईडाइविंग प्रशिक्षक और पांच प्रशिक्षु शामिल थे, जो पहली बार टैंडम स्काईडाइविंग अनुभव के लिए पहुंचे थे।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, विमान रनवे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद अचानक नीचे गिर गया। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना रिहायशी इलाके के बेहद करीब होने के बावजूद जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति की जान नहीं गई।
फ्रांसीसी अधिकारियों ने बताया कि कई पीड़ितों के परिजन एयरफील्ड पर मौजूद थे और उन्होंने दुर्घटना को अपनी आंखों के सामने होते देखा। हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में बचाव दल, पुलिस और चिकित्सा टीमें पहुंचीं। प्रभावित परिवारों को मनोवैज्ञानिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
फ्रांस में विमान दुर्घटना की जांच विमानन सुरक्षा एजेंसियां और अभियोजन अधिकारी कर रहे हैं। शुरुआती रिपोर्टों में तकनीकी खराबी की आशंका जताई गई है, लेकिन दुर्घटना का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। वहीं सऊदी अरब में भी संबंधित विमानन और सरकारी एजेंसियों ने हेलिकॉप्टर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।
लगातार सामने आ रही विमान दुर्घटनाओं ने एक बार फिर विमान सुरक्षा, तकनीकी रखरखाव और उड़ान संचालन मानकों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि हर दुर्घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
हालांकि यह भी स्पष्ट किया गया है कि दोनों दुर्घटनाओं के कारण अलग-अलग हो सकते हैं और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।