खबर Supar Fast
होम राशिफल
शॉर्ट वीडियो
ई-पेपर सर्च

वायरल गर्ल ने हाई कोर्ट का खटखटाया दरवाजा, पिता पर दस्तावेजों में हेरफेर का आरोप; 23 जून तक टली सुनवाई

प्रकाशित: 13-06-2026 05:40 AM
वायरल गर्ल ने हाई कोर्ट का खटखटाया दरवाजा, पिता पर दस्तावेजों में हेरफेर का आरोप; 23 जून तक टली सुनवाई
शेयर करें:

महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर सुर्खियों में आईं वायरल गर्ल और उनके पति फरमान खान की शादी से जुड़ा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को हाई कोर्ट में हुई, जहां याचिकाकर्ता पक्ष की प्रारंभिक दलीलें सुनी गईं। हालांकि याचिका में कुछ तकनीकी कमियां और दस्तावेजों से जुड़ी आपत्तियां सामने आने के बाद अदालत ने सुनवाई 23 जून तक के लिए स्थगित कर दी।

हाई कोर्ट में क्या हुई सुनवाई?

वायरल गर्ल की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनके पिता ने उनकी शादी को अवैध साबित करने के लिए जन्म रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों में कथित हेरफेर किया है। याचिका में पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से याचिका में मौजूद कुछ तकनीकी त्रुटियों और दस्तावेजों की प्रतियों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई। खासतौर पर याचिकाकर्ता द्वारा पेश किए गए जन्म प्रमाणपत्र की कॉपी पर सवाल उठाए गए। इसके बाद अदालत ने याचिकाकर्ता पक्ष को आवश्यक कमियां दूर करने और प्रमाणपत्र की स्पष्ट एवं प्रमाणित प्रति पेश करने के लिए 10 दिन का समय दिया।

महाकुंभ से मिली थी पहचान

खरगोन निवासी वायरल गर्ल पिछले वर्ष प्रयागराज महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की माला बेचते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं। उनकी सादगी और व्यक्तित्व ने लोगों का ध्यान खींचा, जिसके बाद उन्हें मनोरंजन जगत से भी कई प्रस्ताव मिलने लगे। कपल की ओर से पेश अधिवक्ताओं बाबूलाल नागर और द्रविनी दुबे के अनुसार, एक फिल्म की शूटिंग के दौरान केरल में उनकी मुलाकात फरमान खान से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और बाद में मार्च 2026 में उन्होंने विवाह कर लिया।

शादी के बाद कैसे शुरू हुआ विवाद?

शादी के कुछ समय बाद मामला विवादों में घिर गया। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि विवाह के समय वायरल गर्ल की उम्र करीब 16 वर्ष हो सकती है। साथ ही यह संदेह भी व्यक्त किया गया कि विवाह के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। इन आशंकाओं के आधार पर खरगोन पुलिस ने फरमान खान के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद यह विवाद कानूनी और सामाजिक बहस का विषय बन गया।

पिता पर लगाए गंभीर आरोप

हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में वायरल गर्ल ने अपने पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विवाह का विरोध करने के लिए उन्हें जानबूझकर नाबालिग साबित करने की कोशिश की गई। याचिका के अनुसार, उनके छोटे भाई के दस्तावेजों को उनका बताकर पेश किया गया, जिससे उनकी उम्र कम दिखाई जा सके। उन्होंने दावा किया है कि वह पूरी तरह बालिग हैं और उनकी शादी कानूनन वैध है।

जन्म प्रमाणपत्र में छेड़छाड़ का आरोप

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके मूल जन्म प्रमाणपत्र के साथ छेड़छाड़ की गई और बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए उसे सरकारी रिकॉर्ड से निरस्त कर दिया गया। कपल का दावा है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर भी इसी कथित साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य उनके वैध विवाह को आपराधिक मामले का रूप देना है।

'लव जिहाद' का एंगल जोड़ने का आरोप

वायरल गर्ल और फरमान ने आरोप लगाया है कि उनके पिता और कुछ अन्य लोगों ने सोशल मीडिया पर फरमान के खिलाफ अभियान चलाया। याचिका में कहा गया है कि विवाह को "लव जिहाद" जैसे विवादित शब्दों से जोड़कर मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई। कपल का कहना है कि यह पूरा विवाद उनके निजी वैवाहिक निर्णय को प्रभावित करने और सामाजिक दबाव बनाने के उद्देश्य से खड़ा किया गया है।

अदालत से क्या मांग की गई है?

याचिका में अदालत से मांग की गई है कि उनके मूल जन्म प्रमाणपत्र को बहाल किया जाए, सरकारी रिकॉर्ड में कथित जालसाजी की जांच कराई जाए और पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता पी.वी. दिनेश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित हुए और याचिकाकर्ता पक्ष का पक्ष रखा।

23 जून को होगी अगली सुनवाई

हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 23 जून को निर्धारित की है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दस्तावेजों की जांच और दोनों पक्षों की दलीलों के बाद अदालत इस संवेदनशील मामले में क्या फैसला या दिशा-निर्देश देती है। फिलहाल वायरल गर्ल और फरमान की शादी से जुड़ा विवाद कानूनी जांच के दायरे में है, जहां उम्र, दस्तावेजों की वैधता और कथित साजिश जैसे कई अहम सवालों पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

0.0
Average Rating
0 Ratings
Tap a star to rate this article: