नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित एक हाईराइज रिहायशी सोसायटी में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब 22वीं मंजिल पर बने एक फ्लैट में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद पूरी इमारत में धुएं का घना गुबार फैल गया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई और सोसायटी की आपातकालीन व्यवस्था के चलते समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

जानकारी के अनुसार, यह घटना नोएडा के सेक्टर-119 स्थित अरण्या हाउसिंग सोसायटी की है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह अचानक 22वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट से तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। कुछ ही देर में फ्लैट से आग की लपटें और काले धुएं का गुबार उठने लगा। ऊंची इमारत से उठता धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के निवासियों में दहशत फैल गई।
सोसायटी के सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत फायर विभाग और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। साथ ही इमारत में मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत फ्लैट में लगे एयर कंडीशनर (एसी) की बाहरी यूनिट में विस्फोट के बाद हुई। माना जा रहा है कि तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण एसी यूनिट में धमाका हुआ, जिसके बाद आग तेजी से पूरे फ्लैट के एक हिस्से में फैल गई।
आग से फ्लैट के अंदर रखा घरेलू सामान भी क्षतिग्रस्त हुआ। हालांकि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लेने के कारण आग अन्य फ्लैटों तक नहीं पहुंच सकी। केवल धुएं का असर आसपास के कुछ फ्लैटों में देखने को मिला।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। हाईराइज इमारत होने के कारण राहत एवं बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन प्रशिक्षित फायर कर्मियों ने आधुनिक उपकरणों की मदद से आग पर काबू पा लिया।
फायर अधिकारियों ने बताया कि पूरी इमारत की तलाशी ली गई और यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं कोई व्यक्ति फ्लैट में फंसा न हो। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
फायर विभाग ने बताया कि आग लगने के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में एसी यूनिट में तकनीकी खराबी, ओवरलोडिंग या शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञ यह भी जांच करेंगे कि आग फैलने में किसी अन्य विद्युत उपकरण की भूमिका तो नहीं रही।
यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।

इस घटना के बाद एक बार फिर नोएडा और अन्य महानगरों की ऊंची आवासीय इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईराइज सोसायटियों में फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर एग्जिट और नियमित सुरक्षा ऑडिट बेहद जरूरी हैं।
कई बार एसी, इन्वर्टर, वायरिंग और अन्य विद्युत उपकरणों की समय पर सर्विसिंग न होने के कारण इस तरह की दुर्घटनाएं सामने आती हैं। इसलिए विशेषज्ञ नियमित मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों का पालन करने की सलाह देते हैं।
घटना के बाद प्रशासन और फायर विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों में लगे एयर कंडीशनर, वायरिंग और अन्य विद्युत उपकरणों की समय-समय पर जांच और सर्विसिंग कराते रहें। साथ ही किसी भी प्रकार की चिंगारी, धुआं या तकनीकी खराबी दिखाई देने पर तुरंत बिजली की सप्लाई बंद करें और फायर विभाग को सूचना दें।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों के मौसम में एसी और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग अधिक होने के कारण आग लगने की घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में थोड़ी-सी सतर्कता बड़े हादसों को टाल सकती है।
नोएडा की इस घटना में भले ही कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इसने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि हाईराइज इमारतों में अग्नि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करना और विद्युत उपकरणों की नियमित देखभाल करना कितनी बड़ी आवश्यकता है।