अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को उत्तर प्रदेश में योग का एक ऐतिहासिक और व्यापक आयोजन होने जा रहा है। प्रदेश के लगभग 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में 1.42 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राएं सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेंगे। इसके साथ ही 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की 78 हजार से अधिक छात्राएं भी इस विशेष अभियान का हिस्सा बनेंगी। राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से योग दिवस को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।
गांव से शहर तक योगमय होगा माहौल
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश के हर जिले, कस्बे और गांव में स्थित विद्यालयों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यालय परिसर योग और स्वास्थ्य के संदेश से गूंजेंगे। इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को योग के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम में केवल छात्र-छात्राएं ही नहीं, बल्कि शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य तथा अभिभावक भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे। इससे योग के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और परिवारों तक स्वास्थ्य संबंधी सकारात्मक संदेश पहुंचाने में मदद मिलेगी।
केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत होगा आयोजन
यह आयोजन आयुष मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराया जाएगा। सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) और खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग ने सुनिश्चित किया है कि सभी विद्यालयों में योगाभ्यास के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं उपलब्ध हों और विद्यार्थियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए स्थानीय स्तर पर भी तैयारियों की निगरानी की जा रही है।
शिक्षा निदेशक बेसिक बनाए गए नोडल अधिकारी
योग दिवस कार्यक्रम के प्रभावी संचालन, समन्वय और निगरानी के लिए शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनकी देखरेख में पूरे प्रदेश में कार्यक्रम की तैयारियों और क्रियान्वयन पर नजर रखी जाएगी।
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि योग दिवस से संबंधित सभी गतिविधियों का समयबद्ध और सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कार्यक्रम की रिपोर्ट और सहभागिता के आंकड़े भी संकलित किए जाएंगे।
योगाभ्यास के साथ जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे आयोजित
योग दिवस पर विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास, प्राणायाम और ध्यान सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों को योग के महत्व और उसके विभिन्न लाभों के बारे में जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
विशेषज्ञों और शिक्षकों द्वारा छात्रों को बताया जाएगा कि नियमित योगाभ्यास कैसे शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, मानसिक तनाव को कम करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। योग के माध्यम से विद्यार्थियों में एकाग्रता, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।![]()
विद्यार्थियों को बताए जाएंगे योग के लाभ
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों से अवगत कराया जाएगा। योग शरीर को लचीला और मजबूत बनाने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है।
मानसिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से योग तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। वहीं आध्यात्मिक रूप से योग व्यक्ति को आत्मिक शांति और संतुलन प्रदान करता है। शिक्षा विभाग का मानना है कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए योग एक प्रभावी माध्यम है।
स्वस्थ और जागरूक समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
उत्तर प्रदेश में इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाला यह योग अभियान न केवल विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेगा, बल्कि समाज में योग के महत्व को भी मजबूत करेगा। विद्यालयों के माध्यम से लाखों परिवारों तक योग का संदेश पहुंचेगा और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति लोगों की रुचि बढ़ेगी।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का यह आयोजन प्रदेश में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार और शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस अभियान से बच्चों में योग के प्रति स्थायी रुचि विकसित होगी और वे इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएंगे।