आगामी सावन माह को लेकर चंदौली पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सकलडीहा स्थित श्री कालेश्वर महादेव मंदिर का निरीक्षण कर सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
हर सोमवार 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना
पुलिस प्रशासन के अनुसार, सावन के प्रत्येक सोमवार को श्री कालेश्वर महादेव मंदिर में 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यापक योजना तैयार की गई है।
बैरिकेडिंग, स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान एसपी ने मंदिर परिसर में पर्याप्त बैरिकेडिंग, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने को कहा।
रेलवे स्टेशन और क्रॉसिंग पर रहेगी विशेष निगरानी
श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही को देखते हुए सकलडीहा रेलवे स्टेशन और भोजापुर रेलवे क्रॉसिंग पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। यहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ रेलवे ट्रैक के आसपास संवेदनशील स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी।
जीआरपी और जिला पुलिस मिलकर संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था
सावन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जीआरपी और जिला पुलिस के संयुक्त समन्वय से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम पहले से सुनिश्चित किए जाएं।
जाम से बचने के लिए लागू होगा ट्रैफिक प्लान
मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति से बचाव करना और वाहनों की सुचारु आवाजाही बनाए रखना है।
श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील
निरीक्षण के दौरान एसपी आकाश पटेल ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं, चंदौली पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि सावन पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराया जा सके।