सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने 'शिक्षित वाहन चालक, सुरक्षित सड़क योजना' की शुरुआत की है। इस योजना के तहत चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग, सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले चालकों को प्रमाण पत्र के साथ-साथ 200 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है।
सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों का दिया जा रहा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वाहन चालकों को सुरक्षित वाहन संचालन, सड़क पर अनुशासित व्यवहार, यातायात नियमों का पालन, सड़क संकेतों की पहचान और वाहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी विस्तार से दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
जरूरी दस्तावेज साथ रखने पर भी दिया गया जोर
प्रशिक्षण के दौरान चालकों को बताया गया कि वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज हमेशा साथ रखने चाहिए। वैध दस्तावेजों के साथ यातायात नियमों का पालन करने से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है, बल्कि जांच के दौरान अनावश्यक चालान से भी बचा जा सकता है।
प्रशिक्षण पूरा करने पर मिलेगा प्रमाण पत्र और ₹200 की प्रोत्साहन राशि
कार्यक्रम में प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी वाहन चालकों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही प्रशिक्षण में दिए गए समय के बदले परिवहन विभाग की ओर से प्रत्येक चालक के बैंक खाते में 200 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी भेजी जा रही है।
एमवीआई ने चालकों से की नियमों के पालन की अपील
मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) ने वाहन चालकों से ओवरस्पीडिंग से बचने और सड़क किनारे लगे सभी यातायात संकेतों एवं दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि चालक ईमानदारी से यातायात नियमों का पालन करें, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
सड़क सुरक्षा की दिशा में अहम पहल
परिवहन विभाग की यह पहल वाहन चालकों में जागरूकता बढ़ाने और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उम्मीद है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित करने में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।