उत्तर प्रदेश जीएसटी एसोसिएशन ने विभागीय प्रमोशन और ट्रांसफर-पोस्टिंग के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने 16 जुलाई से पूरे प्रदेश में एक सप्ताह तक महाआंदोलन चलाने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
अनुचित प्रमोशन के आदेश का विरोध
एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि विभाग में प्रमोशन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की जा रही है। संगठन का कहना है कि अनुचित तरीके से किए गए प्रमोशन से संवर्गीय अधिकारियों के अधिकारों पर असर पड़ रहा है।विरोध के तौर पर अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर काम करने की रणनीति पर भी चर्चा की है। वहीं, आदेश निरस्त नहीं होने की स्थिति में चक्का जाम जैसे बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
ट्रांसफर-पोस्टिंग पर भी उठे सवाल
जीएसटी एसोसिएशन ने विभाग में हो रही ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संगठन का आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर बाहरी अधिकारियों की तैनाती की जा रही है।एसोसिएशन ने सवाल उठाया है कि कानपुर और गाजियाबाद जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर बाहरी अधिकारियों को तैनात करने की जरूरत क्यों पड़ी, जबकि संवर्गीय अधिकारियों को अवसर मिलना चाहिए था।
अधिकारियों में नाराजगी और असंतोष
संगठन का कहना है कि गलत नियुक्तियों और प्रमोशन प्रक्रिया के कारण पूरे विभाग में असंतोष और निराशा का माहौल है। अधिकारियों का आरोप है कि लंबे समय से सेवा दे रहे संवर्गीय अधिकारियों के हक की अनदेखी की जा रही है।
सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग
यूपी जीएसटी एसोसिएशन ने मांग की है कि विवादित आदेशों को वापस लिया जाए और विभागीय नियमों के अनुसार प्रमोशन और तैनाती की प्रक्रिया पूरी की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।