सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने वरिष्ठ नागरिकों की लंबित मांगों को लेकर 15 सितंबर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। यह निर्णय संगठन की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में लिया गया। संगठन का आरोप है कि केंद्र सरकार वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रही है।
'वरिष्ठ नागरिकों के साथ सौतेला व्यवहार बंद करे सरकार'
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार को वरिष्ठ नागरिकों के साथ कथित सौतेला व्यवहार बंद करना चाहिए और उनकी वर्षों से लंबित मांगों को जल्द पूरा करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों वरिष्ठ नागरिक लंबे समय से विभिन्न सुविधाओं की बहाली और नई कल्याणकारी योजनाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
रेलवे रियायत बहाल करने की उठाई मांग
संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री प्रो. (डॉ.) दिवाकर पांडेय, प्रो. (डॉ.) रेनू मिश्रा और राघव प्रसाद सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान लगभग पांच वर्ष पहले वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे टिकटों पर मिलने वाली रियायत समाप्त कर दी गई थी।
उन्होंने कहा कि महामारी समाप्त होने के बाद भी यह सुविधा अब तक बहाल नहीं की गई है, जबकि इस संबंध में सरकार से कई बार मांग की जा चुकी है।
लंबित मांगों पर जल्द निर्णय की अपील
संगठन के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार से वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी सभी लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना है कि बुजुर्गों के हितों की अनदेखी करना उचित नहीं है और सरकार को उनकी सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
15 सितंबर से शुरू होगा आंदोलन
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 15 सितंबर से देशभर में चरणबद्ध राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन का कहना है कि इस आंदोलन के माध्यम से वरिष्ठ नागरिक अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के सामने रखेंगे।