पश्चिम चंपारण जिले के बगहा स्थित वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के विशाहा गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर में करीब 10 फीट लंबा जहरीला किंग कोबरा निकल आया। सांप को देखते ही परिवार के लोग घर से बाहर निकल आए और कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
घर में किंग कोबरा निकलने से मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, विशाहा गांव निवासी मुन्नी लाल के घर में अचानक किंग कोबरा दिखाई दिया। विशालकाय जहरीले सांप को देखकर परिवार के सदस्यों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
'स्नेक लेडी' जानकी देवी ने किया सफल रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलने पर वाल्मीकिनगर की प्रसिद्ध स्नेक रेस्क्यूअर जानकी देवी, जिन्हें स्थानीय लोग 'स्नेक लेडी' के नाम से जानते हैं, मौके पर पहुंचीं। उन्होंने पूरी सावधानी और प्रशिक्षित तकनीक के साथ किंग कोबरा का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। इसके बाद सांप को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया गया। समय रहते रेस्क्यू होने से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
बरसात में बढ़ जाता है सांपों का खतरा
वाल्मीकिनगर के रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि बारिश और मौसम में बदलाव के दौरान जहरीले सांप सुरक्षित ठिकाने की तलाश में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे गांवों और रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे मामलों में घबराने या खुद सांप पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
किंग कोबरा का जहर बेहद खतरनाक
विशेषज्ञों के अनुसार, किंग कोबरा दुनिया के सबसे विषैले सांपों में गिना जाता है। इसका न्यूरोटॉक्सिक विष इंसानी शरीर के तंत्रिका तंत्र पर तेजी से असर डालता है। यदि किंग कोबरा काट ले, तो बिना देर किए तुरंत अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार कराना बेहद जरूरी होता है।
12 साल की उम्र से कर रही हैं सांपों का रेस्क्यू
जानकी देवी वाल्मीकिनगर क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण और लोगों की सुरक्षा के लिए लंबे समय से काम कर रही हैं। उन्होंने महज 12 वर्ष की उम्र से सांपों का रेस्क्यू करना शुरू किया था। अब तक वह हजारों जहरीले सांपों को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ चुकी हैं। कई बार रेस्क्यू के दौरान उन्हें खुद भी सांप ने काटा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने यह सेवा जारी रखी है।