एक महिला अधिवक्ता ने सिटी मजिस्ट्रेट पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है। अधिवक्ता का कहना है कि उनके मुवक्किल की जमानत प्रक्रिया में अनावश्यक देरी की जा रही है।
151 की कार्रवाई के बाद युवक भेजा गया था जेल
महिला अधिवक्ता श्रेजल (सेजल) यादव के अनुसार, एक युवक शिवम यादव को धारा 151 के तहत सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया था।
बेल बॉन्ड पर हस्ताक्षर नहीं होने का आरोप
अधिवक्ता का आरोप है कि उन्होंने युवक की रिहाई के लिए आवश्यक बेल बॉन्ड प्रस्तुत कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा उस पर हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें बार-बार नई तारीख दी जा रही है।
पुरानी उधारी को लेकर विवाद का दावा
महिला अधिवक्ता ने बताया कि आईटीआई कॉलोनी में उनके भाई और पिता की दुकान है। उनके अनुसार, पुरानी उधारी मांगने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद धक्का-मुक्की की घटना सामने आई।
पहले भी पुलिस से की थी शिकायत
अधिवक्ता का कहना है कि उन्होंने पहले थाना मिल एरिया में भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
डीएम और एसपी कार्यालय पहुंचकर मांगी कार्रवाई
महिला अधिवक्ता ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर दोबारा शिकायत दी है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई और न्याय दिलाने की मांग की है।