उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में नाबालिग से दुष्कर्म और कथित अवैध गर्भपात के चर्चित मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच कर रही यूपी एसटीएफ ने अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है। एसटीएफ की जांच में स्थानीय पुलिस की विवेचना में कई कथित खामियों और लापरवाही का उल्लेख किया गया है।
15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और कथित जबरन गर्भपात का मामला
मामला पचपेड़वा थाना क्षेत्र के एक थारू बहुल गांव का है, जहां 15 वर्षीय किशोरी के साथ कथित दुष्कर्म और बाद में अवैध गर्भपात कराने का आरोप है। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
हाईकोर्ट के आदेश पर एसटीएफ को सौंपी गई जांच
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को जांच की निष्पक्षता पर संदेह होने के बाद जांच यूपी एसटीएफ को सौंप दी गई। एसटीएफ ने लगभग तीन सप्ताह में जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
स्थानीय पुलिस की विवेचना पर गंभीर सवाल
एसटीएफ की चार्जशीट के अनुसार, प्रारंभिक जांच के दौरान स्थानीय पुलिस ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों को कथित तौर पर नजरअंदाज किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि न तो सीसीटीवी फुटेज जुटाए गए और न ही महत्वपूर्ण मेडिकल साक्ष्यों पर पर्याप्त ध्यान दिया गया।
डीएनए जांच न होने से अहम साक्ष्य नष्ट होने का दावा
एसटीएफ ने अपनी जांच में उल्लेख किया है कि मेडिकल रिपोर्ट में भ्रूण के अंश होने की जानकारी के बावजूद डीएनए परीक्षण नहीं कराया गया। रिपोर्ट के अनुसार, समय बीतने के कारण महत्वपूर्ण जैविक साक्ष्य नष्ट हो गए, जिससे जांच प्रभावित हुई।
मुख्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
मामले में मुख्य आरोपी जलाल अहमद, डॉ. सूफियान और कमलेश कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। एसटीएफ की कार्रवाई के बाद कथित तौर पर आरोपी डॉक्टर की पत्नी को भी गिरफ्तार किया गया।
पीड़िता की मां की गिरफ्तारी
एसटीएफ ने जांच में दावा किया है कि पीड़िता की मां ने आरोपियों के साथ कथित सौदेबाजी की थी। जांच एजेंसी के अनुसार, कॉल रिकॉर्डिंग समेत अन्य साक्ष्य मिलने के बाद पीड़िता की मां को भी गिरफ्तार किया गया।
हाईकोर्ट में दाखिल शपथ पत्र पर भी उठे सवाल
एसटीएफ की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की जमानत सुनवाई के दौरान पीड़िता की मां द्वारा कथित तौर पर फर्जी शपथ पत्र दाखिल किए जाने और आरोपी पक्ष के परिजनों के साथ अदालत पहुंचने की परिस्थितियों ने संदेह पैदा किया। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की स्वतंत्र जांच एसटीएफ को सौंपने का निर्णय लिया।
अवैध क्लीनिक में गर्भपात कराने का आरोप
चार्जशीट के अनुसार, दुष्कर्म के बाद पचपेड़वा क्षेत्र स्थित एक कथित अवैध क्लीनिक में गर्भपात कराया गया। पीड़िता की तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया था।