मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सैन्य परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि गाजीपुर की धरती ने हमेशा राष्ट्रहित और देश की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
'ऋषि-मुनियों की पावन भूमि को मेरा नमन'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत गाजीपुर की धरती को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि यह भूमि ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है और इसकी गौरवशाली विरासत पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।
'राष्ट्र की रक्षा के लिए हमेशा संकल्पित रहा गाजीपुर'
मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजीपुर की धरती प्राचीन काल से ही राष्ट्र की रक्षा और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति समर्पित रही है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सदैव देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रतीक रहा है।
रामायण काल का किया उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गाजीपुर का इतिहास अत्यंत गौरवशाली है। उन्होंने कहा कि रामायण काल से ही यह क्षेत्र आतंक और अन्याय के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा देता रहा है।
गहमर गांव की सैन्य परंपरा की सराहना
मुख्यमंत्री ने गाजीपुर के गहमर गांव का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यहां बड़ी संख्या में सैनिक और सैन्य अधिकारी रहते हैं। उन्होंने इसे देशभक्ति और वीरता की मिसाल बताया।
स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को किया याद
सीएम योगी ने कहा कि आजादी के आंदोलन में गाजीपुर के वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
'हर राष्ट्रवादी अभियान में गाजीपुर ने निभाई अहम भूमिका'
मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजीपुर ने हर राष्ट्रवादी अभियान में अपनी सक्रिय और महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की राष्ट्रभक्ति और समर्पण की भावना की सराहना करते हुए इसे प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय बताया।