कानपुर कचहरी परिसर स्थित शताब्दी गेट पर अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए सीजेपी (CJP) से जुड़े बताए जा रहे नेता अभिजीत दीपके का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ कथित साजिश रचे जाने का आरोप लगाया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शन का नेतृत्व अधिवक्ता नीरज त्रिपाठी और डॉ. पवन तिवारी ने किया। प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश में अस्थिरता फैलाने की कथित कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
NEET छात्र आंदोलन पर भी उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की साजिश सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
फंडिंग को लेकर लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने अभिजीत दीपके पर चीन और पाकिस्तान से फंडिंग लेने के आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र या किसी आधिकारिक एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं हुई है और न ही इस संबंध में कोई सार्वजनिक साक्ष्य सामने आया है।
कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन के अंत में अधिवक्ताओं ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।