एटा मेडिकल कॉलेज के डायलिसिस विभाग में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब इलाज के दौरान छत का एक हिस्सा अचानक टूटकर गिर पड़ा। हादसे में एक मरीज और एक तीमारदार घायल हो गए। घटना के बाद विभाग में मौजूद मरीजों और परिजनों में दहशत फैल गई।
पहले भी टूट चुकी है छत
बताया जा रहा है कि डायलिसिस विभाग की छत पहले भी एक बार क्षतिग्रस्त होकर गिर चुकी है। इसके बावजूद समय रहते मरम्मत या स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे एक बार फिर हादसा हो गया।
CMS ने माना, कई बार भेजे जा चुके हैं पत्र
मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) ने स्वीकार किया कि भवन की जर्जर स्थिति को लेकर पूर्व और वर्तमान मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को कई बार पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया गया है। हालांकि अब तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
'बजट नहीं होने से नहीं हो सका मरम्मत कार्य'
CMS के अनुसार विभाग के पास मरम्मत कार्य कराने के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं है। इसी कारण भवन की मरम्मत का कार्य लंबित पड़ा हुआ है, जबकि इसकी जानकारी लगातार उच्च अधिकारियों को दी जाती रही है।
घायलों का उपचार जारी
सूत्रों के मुताबिक घायल मरीज और तीमारदार का उपचार कराया जा रहा है। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
मेडिकल कॉलेज की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
लगातार शिकायतों और पूर्व में हुई घटनाओं के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं होने से मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत कार्य नहीं कराया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।