दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे जनसंघर्ष के समर्थन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर मंगलवार से जयप्रकाश स्मारक, मुक्ताकाश मंच, आरा में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया। यह आंदोलन सिविल सोसायटी, आरा के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
लोकतांत्रिक अधिकारों और शिक्षा सुधार की उठी मांग
धरने में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना है। वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और जनहित के मुद्दों पर समाज को अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर जताई चिंता
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक तथा जनसरोकारों के प्रति जवाबदेह व्यवस्था की मांग उठाई। साथ ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के प्रति एकजुटता भी व्यक्त की।
छात्र-युवाओं और नागरिकों से जुड़ने की अपील
सिविल सोसायटी, आरा ने जिले के छात्र-युवाओं, शिक्षकों, अभिभावकों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील की।
कई सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता अचल कुमार प्रसाद ने की, जबकि संचालन मंटू सिंह और धन्यवाद ज्ञापन सुशील कुमार ने किया। धरने में कौशलेन्द्र सिंह, धर्मेंद्र पासवान, सुजीत कुमार सिंह, भास्कर मिश्रा, धनंजय कुमार, अशोक मानव, विजय मेहता, नीलाम्बुज सरोज सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे।