उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए शारदा नदी सुरक्षा तटबंध की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तंबौर क्षेत्र में शारदा नदी के किनारे बसे गांवों को कटान और बाढ़ से बचाने के लिए करीब 6 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से बनाए गए तटबंध में पहली ही बारिश के बाद कई स्थानों पर धंसाव और दरारें दिखाई देने लगी हैं। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
बाढ़ और कटान से बचाव के लिए बनाया गया था तटबंध
जानकारी के अनुसार, तंबौर क्षेत्र के बसंतापुर समेत शारदा नदी किनारे बसे दर्जनों गांवों को बाढ़ और नदी कटान से सुरक्षित रखने के लिए सिंचाई विभाग ने जिओ ट्यूब, जिओ बैग और परक्यूपाइन तकनीक के माध्यम से सुरक्षा तटबंध का निर्माण कराया था। यह परियोजना अप्रैल से जून के बीच पूरी की गई थी और इसकी कुल लागत करीब 6.61 करोड़ रुपये बताई गई है।
पहली बारिश में ही सामने आई निर्माण की हकीकत
मानसून की शुरुआती बारिश के बाद ही तटबंध के कई हिस्सों में धंसाव शुरू हो गया। कई स्थानों पर गहरी दरारें पड़ गईं, जिससे परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शारदा नदी का जलस्तर बढ़ता है तो बसंतापुर सहित आसपास के कई गांवों पर बाढ़ और कटान का खतरा मंडरा सकता है।
ग्रामीणों ने लगाए घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया और घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद तटबंध पहली ही बारिश नहीं झेल सका, जिससे सरकारी परियोजनाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
'कटान रोको संघर्ष मोर्चा' के पदाधिकारी विनीत तिवारी समेत कई ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और संबंधित ठेकेदार पर लापरवाही तथा भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों में बाढ़ का डर
तटबंध में आई दरारों और धंसाव के बाद नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों में भय का माहौल है। उनका कहना है कि यदि समय रहते तटबंध की मरम्मत नहीं कराई गई और निर्माण की गुणवत्ता की जांच नहीं हुई, तो आगामी दिनों में शारदा नदी का बढ़ता जलस्तर कई गांवों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।