भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के जिलाध्यक्ष दुर्गेश मौर्य ने प्रशासन पर कई बार ज्ञापन देने के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी है। सूचना मिलने पर एलआईयू के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाकर आत्मदाह जैसा कदम उठाने से रोका।
सरकारी तालाब पर अवैध कब्जे का आरोप
दुर्गेश मौर्य का आरोप है कि तहसील मीरगंज के ग्राम टिटौली स्थित सरकारी तालाब पर लेखपाल नवरतन ने कथित रूप से अवैध कब्जा कर रखा है। उनका कहना है कि यह तालाब सार्वजनिक उपयोग की संपत्ति है और इसे अतिक्रमण मुक्त कराया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीणों और किसानों को राहत मिल सके।
किसानों से जुड़े कई मुद्दे उठाए
भाकियू नेता ने कहा कि उनकी मांगों में सरकारी तालाब को कब्जामुक्त कराना, किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाना, इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल व्यवस्था की समीक्षा कर उसे बंद करना तथा स्मार्ट मीटर व्यवस्था समाप्त कर पुरानी व्यवस्था बहाल करना शामिल है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में खाद की कमी के कारण किसान परेशान हैं और समय पर उर्वरक नहीं मिलने से खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है।
आंदोलन की चेतावनी
दुर्गेश मौर्य ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भारतीय किसान यूनियन बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आत्मदाह जैसा कदम उठाने की नौबत आई तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, एलआईयू अधिकारियों ने भाकियू नेता को समझाकर शांत कराया और मामले के शांतिपूर्ण समाधान का भरोसा दिलाया।