भागलपुर के सुल्तानगंज स्थित विश्व प्रसिद्ध अजगैविनाथ धाम में बंगाल और नेपाल के श्रावणी मेले की शुरुआत के साथ ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। हजारों कांवड़िये गंगा स्नान कर पवित्र गंगाजल लेकर "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयकारों के साथ पैदल और वाहनों से बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हो रहे हैं।
17 जुलाई से शुरू हुआ बंगाल और नेपाल का श्रावणी मेला
कांवड़ियों और मंदिर के पुजारियों के अनुसार, बंगाल और नेपाल का श्रावणी मेला 17 जुलाई से शुरू हो चुका है। इसके साथ ही अजगैविनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में भीड़ और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
अधूरी तैयारियों से श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी
श्रावणी मेले में अब केवल कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन श्रद्धालुओं का कहना है कि अभी भी कई व्यवस्थाएं अधूरी हैं। गंगा घाट और कच्ची कांवड़िया पथ पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालुओं को अंधेरे में स्नान करने और यात्रा शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रशासन युद्धस्तर पर कर रहा तैयारियां
जिला प्रशासन का कहना है कि श्रावणी मेले की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। गंगा घाट, कांवड़िया पथ और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सुबह और शाम लगातार कार्य किए जा रहे हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
भीड़ बढ़ने के साथ बढ़ी व्यवस्थाओं की चुनौती
बंगाल और नेपाल से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने की चुनौती भी बढ़ गई है। श्रद्धालुओं ने मांग की है कि गंगा घाट से लेकर कांवड़िया पथ तक जल्द से जल्द प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और सुगम हो सके।