नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और कोसी बैराज से छोड़े गए पानी के कारण दरभंगा जिले में बाढ़ का खतरा तेजी से बढ़ गया है। कुशेश्वरस्थान पूर्वी और घनश्यामपुर प्रखंड में कोसी और कमला बलान नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से निचले इलाकों में पानी फैल गया है।
कई गांव जलमग्न, सड़क संपर्क हुआ बाधित
बाढ़ का पानी फैलने से इटहर, उसरी, उजुआ सिमरटोका और तिलकेश्वर पंचायत के कई गांव जलमग्न हो गए हैं। कई स्थानों पर सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। साथ ही किसानों की फसलें भी जलमग्न होने से भारी नुकसान की आशंका है।
स्कूल भी बाढ़ की चपेट में
बाढ़ के बढ़ते पानी का असर शैक्षणिक संस्थानों पर भी पड़ा है। प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीनिया और प्राथमिक विद्यालय इटहर पोखर बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ने की संभावना है।
दो दर्जन गांव खाली कराने के निर्देश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन करीब दो दर्जन गांवों को खाली कराने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी में जुटा है।
राहत और बचाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार
जिला प्रशासन के अनुसार संभावित बाढ़ से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 186 नाव, 512 राहत शिविर और 611 सामुदायिक किचन तैयार रखे गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
जिलाधिकारी ने की सतर्क रहने की अपील
दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जाएगा और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।