भागलपुर में वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने और वित्त रहित कॉलेजों के समायोजन की मांग को लेकर शिक्षकों ने समाहरणालय परिसर में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार से लंबित अनुदान राशि का भुगतान करने और अनुदान व्यवस्था की जगह वेतन प्रणाली लागू करने की मांग की।
लंबित अनुदान और वेतन लागू करने की मांग
धरने पर बैठे शिक्षकों का कहना था कि वित्त रहित कॉलेजों के शिक्षक लंबे समय से आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से पहले बकाया अनुदान राशि का भुगतान करने और उसके बाद अनुदान के स्थान पर नियमित वेतन व्यवस्था लागू करने की मांग की।
शिक्षक के बयान से बढ़ा विवाद
धरने के दौरान शिक्षक प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो शिक्षक "आतंकवादी बनने पर मजबूर हो जाएंगे।" उनके इस बयान के बाद विवाद की स्थिति बन गई और यह टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई।
211 डिग्री कॉलेज योजना पर भी उठाए सवाल
प्रदीप कुमार सिंह ने बिहार में 211 डिग्री कॉलेज खोलने की योजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि यह योजना भी "चरवाहा विद्यालय" की तरह असफल साबित होगी। उन्होंने सरकार पर केवल घोषणाएं करने और जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्य नहीं करने का आरोप लगाया।
सरकार से समाधान की मांग
धरना समाप्त होने के बाद शिक्षकों ने सरकार से जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।