पटना: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जिलों में राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दूसरे चरण की शुरुआत करने का फैसला किया है। इस अभियान की पहली समीक्षा बैठक 13 जुलाई को पटना जिले से शुरू होगी। बैठक में जिले के सभी अंचल अधिकारी (CO) और राजस्व अधिकारी शामिल होंगे। इस दौरान राजस्व से जुड़े लंबित मामलों, जन शिकायतों और विभागीय कार्यों की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
विभाग का उद्देश्य पहले चरण में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जांच करना और लंबित मामलों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित करना है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि पहले चरण में लगातार 13 दिनों तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के सभी 38 जिलों की व्यापक समीक्षा की गई थी।
उस दौरान जिलों को लंबित राजस्व मामलों का शीघ्र निष्पादन, जन शिकायतों का समयबद्ध समाधान और विभागीय अभियानों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे। अब दूसरे चरण में इन्हीं निर्देशों के अनुपालन का जिलावार मूल्यांकन किया जाएगा।
13 जुलाई को शाम 5 बजे मंत्री के कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में पटना जिले के कई महत्वपूर्ण राजस्व मामलों की समीक्षा की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
दाखिल-खारिज (Mutation)
परिमार्जन (Correction)
भू-मापी (Land Survey)
राजस्व न्यायालयों में लंबित वाद
सरकारी भूमि से जुड़े मामले
जन शिकायतों के लंबित आवेदन
विभागीय योजनाओं की प्रगति
बैठक में सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को अद्यतन प्रतिवेदन (Updated Report) के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।

विभागीय सचिव जय सिंह ने कहा कि दूसरे चरण की समीक्षा का उद्देश्य केवल प्रगति रिपोर्ट लेना नहीं है, बल्कि लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना और राजस्व सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना भी है।
समीक्षा के दौरान प्रत्येक मामले की अलग-अलग समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, ताकि आम लोगों को राजस्व सेवाओं का लाभ निर्धारित समय सीमा के भीतर मिल सके।
विभाग के अनुसार, पटना से शुरू होने वाला यह समीक्षा अभियान चरणबद्ध तरीके से बिहार के अन्य जिलों में भी आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य पहले चरण में जारी निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करना और राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाना है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का मानना है कि नियमित समीक्षा बैठकों से दाखिल-खारिज, भू-मापी, भूमि विवाद और जन शिकायतों के मामलों का तेजी से निपटारा होगा, जिससे आम नागरिकों को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।