मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर शहर को एक नई पहचान देने वाला सिकंदरपुर लेक फ्रंट अब आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। करीब 213 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट सिटी मिशन के तहत विकसित यह परियोजना उत्तर बिहार के सबसे बड़े पर्यटन और मनोरंजन केंद्रों में शामिल होने की ओर बढ़ रही है। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह लेक फ्रंट न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ा रहा है, बल्कि लोगों को परिवार के साथ समय बिताने के लिए एक नया सार्वजनिक स्थल भी उपलब्ध करा रहा है।
स्थानीय लोगों में इस परियोजना को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि जो जगह कभी गंदगी और उपेक्षा का प्रतीक थी, वह आज शहर की सबसे खूबसूरत पहचान बन चुकी है।

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत विकसित सिकंदरपुर लेक फ्रंट का उद्देश्य केवल झील का सौंदर्यीकरण करना नहीं था, बल्कि इसे आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना भी था। आकर्षक लाइटिंग, चौड़े वॉकिंग ट्रैक, बैठने की आधुनिक व्यवस्था और हरियाली ने इस पूरे क्षेत्र का स्वरूप बदल दिया है।
शाम होते ही यहां बड़ी संख्या में लोग टहलने, व्यायाम करने और परिवार के साथ समय बिताने पहुंच रहे हैं।

सिकंदरपुर लेक फ्रंट की सबसे बड़ी खासियत यहां बनाया गया आधुनिक बोटिंग क्लब है, जहां लोग सुरक्षित वातावरण में नौकायन का आनंद ले सकेंगे।
इसके अलावा यहां बच्चों और युवाओं के लिए गेमिंग जोन, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए सामुदायिक भवन, तथा स्थानीय व्यंजनों और स्नैक्स के लिए स्मार्ट कियोस्क भी विकसित किए गए हैं। इन सुविधाओं से यह स्थान हर आयु वर्ग के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।
![]()
करीब 131 एकड़ में फैली सिकंदरपुर झील को तीन हिस्सों में विकसित किया गया है।
लेक-1: मुजफ्फरपुर क्लब के पीछे
लेक-2: मरीन ड्राइव के पास
लेक-3: आरएस कॉलेज और दाउदपुर कोठी के पीछे
तीनों हिस्सों को आधुनिक सुविधाओं और सुंदर लैंडस्केपिंग के साथ तैयार किया गया है, जिससे यह उत्तर बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होने की क्षमता रखता है।
स्थानीय निवासी कृष्णा केडिया का कहना है कि इस तरह की आधुनिक पर्यटन परियोजना का मुजफ्फरपुर में विकसित होना पूरे शहर के लिए गर्व की बात है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
वहीं कैलाश प्रसाद का कहना है कि जहां पहले गंदगी फैली रहती थी, वहां आज लोग घूमने और तस्वीरें लेने पहुंच रहे हैं। उनका मानना है कि यदि इस परियोजना का नियमित रखरखाव किया जाए तो यह आने वाले वर्षों में मुजफ्फरपुर की सबसे बड़ी पहचान बन सकती है।
संदीप कुमार के अनुसार, यह लेक फ्रंट स्मार्ट बिहार की सोच को साकार करता है। उनके मुताबिक सुबह की सैर, शाम की सैर और परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने के लिए यह शहर का सबसे बेहतरीन स्थान बन चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सिकंदरपुर लेक फ्रंट केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाली परियोजना भी है। यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुजफ्फरपुर का यह बदला हुआ स्वरूप आधुनिक शहरी विकास, पर्यटन और बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं का उदाहरण बनकर उभर रहा है। आने वाले समय में सिकंदरपुर लेक फ्रंट उत्तर बिहार के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।