खबर Supar Fast
होम राशिफल
शॉर्ट वीडियो
ई-पेपर सर्च

ईरान ने शुरू किया 'ऑपरेशन आंख के बदले आंख', अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा; खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा सैन्य तनाव

प्रकाशित: 13-07-2026 09:58 AM
ईरान ने शुरू किया 'ऑपरेशन आंख के बदले आंख', अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा; खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा सैन्य तनाव
शेयर करें:

नई दिल्ली/तेहरान: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब एक नए और अधिक संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के हालिया सैन्य हमलों के जवाब में 'ऑपरेशन आंख के बदले आंख' (Eye for an Eye) के तीसरे चरण की शुरुआत कर दी है। ईरान का कहना है कि इस अभियान के तहत खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइलों और ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया।

हालांकि, ईरान के इन दावों की अभी तक किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी या अमेरिकी अधिकारियों द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। अमेरिका की ओर से भी इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा

ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर  गोलीबारी की।

IRGC द्वारा जारी बयान के अनुसार, हाल ही में ईरान के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में यह सैन्य अभियान शुरू किया गया। ईरान ने दावा किया कि कुवैत में स्थित अली अल-सलेम एयर बेस और अहमद अल-जाबेर एयर बेस सहित कई अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया।

ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका भविष्य में भी सैन्य कार्रवाई जारी रखता है तो उसका जवाब और अधिक व्यापक तथा निर्णायक होगा। ईरान का कहना है कि उसका उद्देश्य क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है।

अमेरिका पहले ही कर चुका है सैन्य कार्रवाई

अमेरिका ने ईरान को किया धुआं-धुआं, रेलबे ब्रिज उड़ाए, ट्रंप ने वीडियो शेयर  करके कहा- 'ये बदला...'

इससे पहले अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर कार्रवाई की थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को सीमित करना और क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों व सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

अमेरिका लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि ईरान समर्थित सशस्त्र समूह इराक, सीरिया और अन्य क्षेत्रों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों तथा उसके सहयोगियों को लगातार निशाना बना रहे हैं। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिकी सैनिकों या सैन्य अड्डों पर हमले जारी रहे तो उनका कड़ा जवाब दिया जाएगा।

खाड़ी देशों में हाई अलर्ट

ईरान का 'बदलापुर'... सऊदी में धधकती रिफाइनरी, कुवैत में ड्रोन झेलते दूतावास  और गिरते जेट - Iran war third day Irani army strikes Kuwait Saudi arab uae  and Bahrain Israel and America

ईरान के ताजा दावों के बाद कुवैत सहित कई खाड़ी देशों ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। सैन्य अड्डों, तेल प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कुछ देशों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा संबंधी एडवाइजरी भी जारी की है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव और बढ़ता है तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, कच्चे तेल की कीमतों, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जताई चिंता

योरोपीय संघ, यूएन चार्टर व अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का प्रबल समर्थक | EU  important for UN Goals यूएन समाचार

संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और कई अन्य देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को रोकने के लिए कूटनीतिक बातचीत ही सबसे प्रभावी रास्ता है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता और गहरा सकती है।

स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं

फिलहाल ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों और उनसे हुए संभावित नुकसान के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दोनों देशों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और स्थिति तेजी से बदल रही है। ऐसे में घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर आधिकारिक जांच, उपग्रह आंकड़ों और दोनों पक्षों के आगे आने वाले बयानों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

0.0
Average Rating
0 Ratings
Tap a star to rate this article: