भागलपुर शहर के हवाई अड्डे के आसपास रहने वाले भवन मालिकों में प्रशासन द्वारा जारी नोटिस को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नोटिस मिलने के बाद प्रभावित लोगों ने इसका विरोध जताते हुए कहा कि वर्षों से बने मकानों पर अचानक कार्रवाई की तैयारी उचित नहीं है।
'बिना स्पष्ट जानकारी के जारी किया गया नोटिस'
प्रभावित लोगों का कहना है कि प्रशासन ने बिना संतोषजनक जानकारी और समाधान दिए नोटिस जारी कर दिया, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। उनका कहना है कि अचानक की गई इस कार्रवाई से लोग मानसिक तनाव में हैं।
वर्षों से बने मकानों पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई मकान वर्षों से बने हुए हैं और उनमें परिवार लंबे समय से रह रहे हैं। ऐसे में बिना पूर्व संवाद और स्पष्ट प्रक्रिया के नोटिस जारी करना उचित नहीं है। लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर न्यायसंगत समाधान निकालने की मांग की है।
'विकास का विरोध नहीं, लेकिन संवाद जरूरी'
विरोध कर रहे भवन मालिकों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों से बातचीत की जानी चाहिए। उनका कहना है कि कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करते हुए लोगों के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
प्रभावित लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे। उनका कहना है कि प्रशासन को ऐसा निर्णय लेना चाहिए जिससे विकास कार्य भी प्रभावित न हों और आम लोगों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
नोटिस पर पुनर्विचार की मांग
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से नोटिस पर पुनर्विचार करने और सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है।