पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। कार्रवाई के दौरान विरोध कर रहे लोगों ने जेसीबी मशीन में आग लगा दी, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी और हिंसक झड़प की स्थिति बन गई।
जेसीबी में आग, कई लोग घायल
जानकारी के अनुसार, वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के अंतर्गत ठाड़ी गांव के समीप धनहिया में शुक्रवार को वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही थी। जैसे ही संयुक्त टीम ने अभियान शुरू किया, बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौके पर पहुंच गईं और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कुछ ही देर में विरोध हिंसक हो गया और भीड़ ने कार्रवाई में लगी जेसीबी मशीन में आग लगा दी। इस दौरान वन विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हुई, जिसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना है।
पुलिस और एसएसबी ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही बगहा पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार, एसडीपीओ निहार भूषण तथा सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया और वन विभाग की टीम को सुरक्षित बाहर निकाला।
पुलिस का बयान
बगहा के एसडीपीओ निहार भूषण ने बताया कि वन विभाग की टीम और स्थानीय लोगों के बीच झड़प की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। उन्होंने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद धनहिया और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने कहा है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है।